मौत के बाद भी प्यार रहा जिन्दा | True Love Remains After Death

आप सभी पाठकों का मेरे और इस मंच की तरफ से फिर से स्वागत है | दोस्तों, ये किस्सा  True Love Remains After Death थोड़ा बड़ा है जो मुझे मेरे मामा ने बताया था |  जिसे आज मैं आपके सामने रख रहा हूँ| मित्रो,, प्रेम हमेशा परीक्षा लेता है,,लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि “प्रेम” का किसी से कुछ लेने व देने से कोई सरोकार है|  ये तो बस एक इबादत है,, जो इस पर खरा उतर जाएँ बस वो सदा के लिए अमर हो जाता है, अगर कोई इंसान किसी को चाहे तो उस व्यक्ति को ये समझ लेना चाहिए उसने एक कभी न मिटने वाली पूंजी कमा ली है पर जब उसको इसका एहसास ही न हो तो वो बड़ा दुर्भाग्य वाला माना जाता है,पर आज ये किस्सा ये खुद बयां करेगा कि बिना किसी स्वार्थ के किस तरह एक चाहने वाला उसके दुर्भाग्य को “भाग्य का धनी” मे बदल सकता है |

True Love Remains After Death

दोस्तो,, ये किस्सा  True Love Remains After Death एक लड़की और एक लड़के का है| इससे संबन्धित कहानियाँ, किस्से , जुम्ले तो आपने बहुत सुने होंगे पर आज आप इस किस्से के जरिये “किसी के चाहने कि हद को महसूस” करेंगे| एक माँ ,3 बहिने और 1 भाई का एक परिवार था, उनके पिता की मृत्यु छोटे भाई के जन्म के समय किडनी फ़ेल होने के कारण हो गई थी |ज्यादा सदस्यो के कारण परिवार को अपनी इच्छाओ को छोड़ना पड़ता था, लेकिन पिता के सरकारी नौकरी होने कि वजह से सबसे बड़ी बहिन को नौकरी मिल गई, क्योकि उनके पिता “जलदाय विभाग” मैं नौकरी करते थे, तो बहिन ने सब ज़िम्मेदारी उठा ली

 

घर ठीक-ठाक चल जाता था बाकी दोनों बहिने भी भाई को पढ़ाने मैं कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती थी क्योकि वो उनके परिवार का आखरी सहारा था और परिवार मैं सबसे छोटा था, उनकी उम्र बड़ी बहिन (30 वर्ष), दुसरी  बहिन (28 वर्ष), तीसरी  बहिन (25 वर्ष) थी और  सबसे छोटा भाई (19 वर्ष) का था, लड़का पढ़ाई मैं मध्यम दर्जे का था, लेकिन उसकी इच्छा-शक्ति का जवाब नहीं था और उसकी ख्वाईश थी कि एक बार (आई॰ ए॰ एस) के पद को हासिल करना ,उसकी मेहनत को देखते हुए उसका रुकना या अपने लक्ष्य को पाने के इच्छा –शक्ति को छोड़ देना कही आस-पास भी नहीं दिखता था, लेकिन परीक्षा मैं हमेशा वो 2 या 3 प्रतिशत से, या साक्षात्कार मे भेदभाव का शिकार हो जाता था |

 

उसके पड़ोस मैं एक लड़की रहती थी, जो मन ही मन उस लड़के से बेहद प्रेम करती थी लेकिन उसने कभी उस लड़के या उसके परिवार को इस चीज़ का एहसास नहीं होने दिया, और उस लड़के को तो इस बारे मे सपने मे भी इस चीज़ का एहसास नहीं था, वो लड़की उसकी सबसे छोटी बहिन कि सहेली थी लेकिन वो लड़की उस लड़के कि हम-उम्र (19 वर्ष)ही थी जब भी उस लड़के कि छोटी बहिन उसके भाई कि कोई असफलता का जिक्र करती तो उस लड़की का चेहरा उतर जाता था और वो काम का बहाना करके वहाँ से चली जाती थी, ऐसा बार-2 होने कि वजह से उसकी बहिन ने इस चीज़ को समझ लिया और उसने अपनी बड़ी बहिनो से इस पर बात कि और बहिनो ने छोटे भाई पर भी नज़र रखनी शुरू कर दी पर वो तो बस अपनी ही इच्छा को पूरा करने मैं लगा रहता था, बहनो ने उसके भविष्य कि बेहतरी के लिए उसे कुछ भी नहीं बताया और वो अपने लक्ष्य मैं लगा रहा |

 

अब यहाँ से किस्सा शुरू होता है दोस्तों,, समय बीतता गया और एक दिन वो बात हो गई जो नहीं होनी चाहिए थी उस लड़की की सड़क हादसे मैं मृत्यु हो गई, उसके इंतकाल को 6 महीने से ज़्यादा हो गया था| इधर उस लड़के ने कितनी ही कोशीशे कर ली पर वो हमेशा असफल ही रहता था, एक दिन जब घर मे कोई नहीं था तो उस लड़के ने बार-2 असफल होने की वजह से आत्महत्या करने की कोशिश की ,, लेकिन सबसे बड़ी बहन को पता नहीं क्या सूझा तो वो घर की तरफ वापस लौट गई, और वो लड़का बच गया|  सभी घरवालो ने भगवान का शुक्र अदा किया कि कैसे उसका दिमाग मे वापस घर लौटने कि आई और सही समय पर पहुँच गयी नहीं तो आज घर मे अनर्थ हो जाता| अगले ही दिन उस लड़के मे पता नहीं कहा से इतना आत्मविश्वास आ गया जैसे की वो सारी दुनिया ही जीत लेगा,, सभी ने सोचा चलो इसके इस जूनून को भी देख लेते है |

 

इस बार भी उसका पेपर कोई खास नहीं हुआ पर न जाने उसके मन मे उसको बार-2 ऐसा लग रहा था की जैसे कि इस बार वो उस बुलंदी के आसपास पहुँच जाएगा जिसकी उसको हमेशा से ख्वाइश थी, और दोस्तो हुआ भी वही,, वो जो भी बोलता वो सच होने लग गया, परिवार के सभी लोग उसके साथ हो रही इन घटनाओ को देख रहे थे और खुश भी थे|उसके सभी कार्य इतने सटीक और सही बैठते थे की लोग उसे देखकर आश्चर्य करते और कभी-2 तो उस लड़के को खुद हैरत होती थी कि उसने ये सब कार्य कैसे कर लिए इधर उस लड़के के इन कामो से उसके दफ्तर के लोगो जलन होने लगी थी वे लोग किसी न किसी न किसी तरह से उसको फँसाने मे लगे रहते थे |

 

एक बार तो उन्होने उस लड़के से ऐसी जगह हस्ताक्षर करवा लिए जिसके कारण उसको जेल या नौकरी से निलंबित भी किया जा सकता था, पर जब उस हस्ताक्षर को प्रमाणित करने की बारी आई तो हस्ताक्षर इस तरीके से बदल गए कि जिस व्यक्ति ने उस लड़के से हस्ताक्षर करवाए थे उसी की हाथ लिखाई से वो हस्ताक्षर मिलते–जुलते पाये गए और उस व्यक्ति को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा, किसी भी तरह से उस लड़के का कोई कुछ भी बुरा नहीं कर पाया|

 

एक दिन उस लड़के के पास किसी की जन्मदिन की सालगिरह का निमंत्रण आया| और वो वहाँ गया उसने सभी से मुलाक़ात करी उसको बहुत मान सम्मान दिया गया, उसी समारोह मे एक व्यक्ति ऐसा भी आया था जो “तंत्र-शास्त्र” का अच्छा जानकार था | जब उस लड़के ने उस व्यक्ति से मुलाक़ात करी तो उसने उस लड़के के साथ चलती हुई एक “माया” को देख लिया ,उसके बाद उसने घर जाकर अपनी तंत्र-साधना से उस “माया” को मंत्रो से बांध दिया|

 

अब वो लड़का अपने आप को अकेला महसूस करने लगा, उसके सभी फैसले गलत पड़ने लग गए | उसके सारे निर्णय गलत और आपत्तिजनक होने लग गए|कितनी ही बार उसको नोटिस मिल गए| और उसकी हालत ऐसी हो गई की अब नौकरी जाये-2,, उसके घर पर सब परेशान और बेचैन हो गए| उन्होने एक सिद्ध पुरुष जिनके यहाँ पर “चौकी” लगती है वहाँ पर जाकर नौकरी मैं परेशानी आने का कारण पूछने के लिए जाने का निर्णय किया |

 

वहाँ जब उन्होने ये सवाल किया तो उन्होने थोड़ी देर ध्यान लगाया फिर वे बोले- तुम्हारा भाई बहुत किस्मत वाला है| एक लड़की तुम्हारे भाई से बहुत प्रेम करती थी उसी की वजह से तुम्हारा भाई आज इस टॉप पोजीशन पर पहुंचा है | नहीं तो तुम्हारे भाई की योग्यता तो सिर्फ एक क्लर्क की ही है | वो ही इस लड़के के सारे फैसले लेती थी और पूरा करती थी |  ये तो सिर्फ एक माध्यम था, लेकिन एक दुष्ट व्यक्ति जो षट्कर्म करके दूसरों के जीवन से खेलता है उपचार के नाम पे लोगो को लूटने का काम करता है| उसने उस लड़की की आत्मा  को अपने मंत्रो की साधना से बांध दिया है अब वो इसके लिए कुछ भी नहीं कर पाएगी और इसलिए इसकी नौकरी भी ज्यादा दिन नहीं चल पाएगी |

 

तीनों बहिने ने एक दूसरे की तरफ देखने लगी और घर आ गई , छोटे भाई ने पूछा- क्या बताया उन सिद्ध पुरुष ने तो तीनों बहनो की आंखो से आँसू आ गए और सारी बात बता दी ,, उसके बाद वो लड़का फुट-2 कर रोया और अपनी किस्मत को कोसने लगा |तो मित्रो इस तरह आत्माएँ 2 तरह की होती है पहली सुकरा और दुसरी नुक़रा |  सुकरा ऐसी आत्माएँ जो किसी के भी जीवन को उस बुलंदी तक ले जाती है जो सिर्फ उसने सपनों कल्पना ही की थी जबकि  नुक़रा ऐसी आत्माएँ जो किसी के भी जीवन को अस्त-व्यस्त कर देती है और उसकी बरबादी का
कारण बनती है|

This  True Love Remains After Death Story is Posted By Vinaay Thada From Rajasthan

4 Comments

  1. shama December 2, 2013
  2. Ashim patra August 3, 2017
  3. Rohit Aryan May 15, 2019
  4. Manjeet Kumar jha October 31, 2019

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