भारतीय हॉरर फिल्मो का सफर , इंडियन घोस्ट स्टोरीज की नजर Timeline of Indian Horror Movies

मित्रो जैसा कि आप जानते है कि भारतीय हिंदी सिनेमा में हॉरर फिल्मो Timeline of Indian Horror Movies का बहुत महत्व रहा है लेकिन यह भी सत्य है हॉरर फिल्मो को हमेशा से ही ज्यादा प्रोत्साहित नहीं किया गया | इन कठिनाइयों के बावजूद राम गोपाल वर्मा , महेश भट्ट और प्रियदर्शन जैसे फिल्म निर्माताओ का हमेशा ही इनसे लगाव रहा है | पहले अधिकतर हॉरर फिल्मे हॉलीवुड हॉरर फिल्मो से कॉपी की जाती है लेकिन अब निर्माताओ ने नये विचारो के साथ हॉरर फिल्मे बनाना चालु कर  दिया है | किस प्रकार से हिंदी हॉरर फिल्मो Indian Horror Movies का सफर शुरू हुआ आइये एक नजर डाले |

mahal Movieशुरुआती दौर में अधिकतर हॉरर फिल्मे पुनर्जन्म के विषयों पर बनती थी जो दर्शको को ज्यादा डराने में कामयाब नहीं रहती थी | इसी दौर में कमल अग्निहोत्री की महल फिल्म में हॉरर के साथ रोमांस मिलाकर फिल्म “महल” बनाई जो पहली हिंदी हॉरर फिल्म कहलाती है | इस फिल्म में अशोक कुमार और मधुबाला का अभिनय लाजवाब था जिसमे वो एक वीरान महल में फस जाते है | लता मंगेशकर के गाये गाने “आएगा आने वाला ” ने इस फिल्म में चार चाँद लगा दिए थे |

Madhumati Movieबिमल रॉय ने सबसे पहले 1958 में मधुमती फिल्म के जरिये आत्मा के बदले को लेकर फिल्म बनाई थी | इस फिल्म को काफी सराहा गया और इसके बाद कई फिल्म निर्माताओ ने हॉरर फिल्मे बनाना शुरू कर दिया | वो कौन थी , बीस साल बाद ,नूरी और ऐसी कई हॉरर फिल्मे बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही |

Naagin Movie
1970 के दशक में निर्माताओ ने हॉरर फिल्मो से बाहर निकलकर अलौकिक शक्तियों पर आधारित फिल्मे बनाना शुरू किया | 1976 में बनी नागिन फिल्म के जरिये दर्शको को डराने का विचार कामयाब रहा | सुनील दत्त , जितेन्द्र , रेखा और रीना रॉय ने इस फिल्म के जरिये नागिन के खूनी बदले को डरावने रूप में पेश किया | इस फिल्म की सफलता को देख 1979 में जानी दुश्मन फिल्म बनाई और नागिन फिल्म की पुरी टीम ने फिर से एक बार करिश्मा कर दिखाया | संजीव कुमार ने इस फिल्म में एक डरावने जानवर को रूप लिया था |

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1980 के दशक में फिल्म निर्माताओ ने हॉलीवुड हॉरर फिल्मो को कॉपी करना शुरू किया | 1980 में बनी “गहरायी ” फिल्म में एक प्रेतबाधित बच्ची के रूप में पद्मिनी कोल्हापुरी ने बेहतर अभिनय किया |इसके बाद फिरोज खान की “जादू टोना” फिल्म में पीपल के पेड़ से  भूतग्रस्त आत्मा को दर्शाया |

Ramsay brothers moviesरामसे ब्रदर्स के आने के बाद हॉरर फिल्मो Indian Horror Movies में फिर बदलाव हुआ | उन्होंने कम बजट की बी ग्रेड हॉरर फिल्मे बनाना शुरू कर दिया | 1972 में बनी “दो गज जमीन के नीचे ” फिल्म से लेकर एक दशक तक हिंदी हॉरर सिनेमा पर राज किया |उन्होंने 100 से भी अधिक हॉरर फिल्मे बनाई थी | इन फिल्मो में पुराना मंदिर , बंद दरवाज़ा, सामरी और शैतानी इलाका जैसी फिल्मे कामयाब रही |

Raaz moviee90 के दशक में हॉरर फिल्मो  Indian Horror Movies का कारोबार कमजोर रहा लेकिन 2002 में विक्रम भट्ट की “राज” फिल्म से फिर से हिंदी सिनेमा में हॉरर फिल्मो का आगाज हुआ | ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हॉरर फिल्मो के रूप में नया मुकाम हासिल कर पायी | इसके बाद रामगोपाल वर्मा ने भूत ,कृष्णा कॉटेज, डरना मना है , डरना जरुरी है , क्लीक , रोक , राज़ 2 , फूँक और फूँक २ जैसी हॉरर फिल्मो की बाढ़ ला दी | हालांकि इनमे सभी फिल्मे औसतन कमाई करने में सफल रही | प्रियदर्शन ने भूल भुलैया फिल्म के माध्यम से हॉरर फिल्मो में कॉमेडी का तड़का लगाकर पेश किया |

ragini mms 2इसके बाद एकता कपूर ने रागिनी MMS और रागिनी MMS से हॉरर फिल्मो को नयी उचाइयो तक पहुचाया | haunted 3d फिल्म के माध्मय में हिंदी सिनेमा में हॉरर 3d फिल्मे शुरू हुई | इन सब के अलावा प्रादेशिक भाषाओ में भी कई हॉरर फिल्मे बनी | तकनीक के विकास के साथ हिंदी हॉरर सिनेमा भी विश्वस्तर पर हॉरर फिल्मो  Indian Horror Movies की छाप छोड़ने में सफल रहा है |

 

तो मित्रो ये था “भारतीय हॉरर फिल्मो Indian Horror Movies का सफर , इंडियन घोस्ट स्टोरीज की नजर ” | मित्रो हम चाहते है कि आने वाले समय में इसी तरह हॉरर सिनेमा का युग दर्शको को लुभाता रहे | अगर आपको लेख अच्छा लगे तो अपने विचार जरुर प्रकट करे |

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  • mustufa

    It is good by reading the short intro of horror films
    The post was good