Lothian Cemetery , जहा घुमती थी एक अंग्रेज की सर कटी आत्मा

The Haunted Lothian Cemetery Story in Hindi

The Haunted Lothian Cemetery Story in Hindiहर इन्सान को मौत के बाद मिटटी में मिला दिया जाता है चाहे वो हिन्दू रिवाज हो , या मुस्लिम रिवाज या इसाई रिवाज | हिन्दुओ में मौत के बाद मृतक के शरीर को अग्नि को समर्पित कर दिया जाता है वही पर मुस्लिम और इसाई रिवाजो में मौत के बाद जमीन में दफन करने की प्रक्रिया है | किसी धर्म और जाति में अक्सर यही माना जाता है कि अगर कोई अपने अधूरे कार्यो के बिना इस दुनिया से विदा हो जाता है तो उसकी रूह को सुकून नही मिलती है और वो इंसानी दुनिया में तब तक रहता है जब तक की उसकी आत्मा को तृप्ति नही मिल जाती है |

कब्रिस्तान एक ऐसी जगह है जो इन्सान की आखिरी मुकाम की निशानी है | जिस तरह हम कॉलोनीयाँ बसाकर जंगल जैसी जमीन पर रहने लग जाते है उसी प्रकार जब कब्रिस्तान में भी मरने वालो की संख्या बढ़ जाती है तो उन स्थानों पर केवल आत्माओ का ही प्रभुत्व रहता है | यही कारण है दुनिया का कोई भी कब्रिस्तान हो वहा पर रात को जाने से हर इन्सान घबराता है क्योंकि वो सोचता है कि ना जाने कब कौनसी अतृप्त आत्मा उसको नुकसान पहुचा दे | आज हम आपको दिल्ली के एक कब्रिस्तान की एक ऐसी ही अतृप्त आत्मा की कहानी बताएँगे जो इतिहास में लोगो के दिलो में दहशत पैदा कर गयी थी |

दिल्ली में कश्मीरी गेट से पांच मिनट की दूरी पर स्तिथ है लोथियन कब्रिस्तान Lothian Cemetery | इस Lothian Cemeteryकब्रिस्तान के इतिहास के बारे में ऐसा माना जाता है ये कब्रिस्तान 19 वी सदी में भारत की सबसे डरावनी जगह हुआ करता था | इस ब्रिटिश कब्रिस्तान का निर्माण 1808 में अंग्रेजो ने बनवाया था जो अंग्रेजो का मुख्य कब्रिस्तान हुआ करता था | ये Lothian Cemetery कब्रिस्तान अंग्रेजो के उच्च परिवार के लोगो के लिए बनवाया गया था जहा पर वो अपने परिजनों की मौत के बाद उन्हें इस कब्रिस्तान में दफन करते थे | तो आप सोच रहे होंगे की किस तरह एक सामान्य अंग्रेजो का कब्रिस्तान किस तरह भूतो के कब्रिस्तान में बदल गया | आइये इसके पीछे की कहानी आपको बताते है |

1857 की क्रान्ति में अंग्रेजो की करारी हार हुयी थी जिसके कारण ईस्ट इंडिया कम्पनी को भारत छोडकर जाने पर मजबूर होना पड़ा था | उस क्रांति में अंग्रेजो ने अपने कई सैनिक और अफसरों को खोया था | इस Lothian Cemetery कब्रिस्तान में भारी संख्या में मरे हुए अंग्रेज सैनिको को दफनाया गया था जो उस क्रांति में मारे गये थे | 1857 की क्रान्ति के समय जब इस कब्रिस्तान में लाशो के ढेर लगने लगे थे तो लाशो के लिए ये जगह भी कम पड़ गयी थी लेकिन फिर भी किसी तरह इसी कब्रिस्तान में अंग्रेजो को दफन कर दिया गया | इसी कब्रिस्तान में दफनाये हुए एक अंग्रेज अफसर की कहानी बहुत प्रचलित है जिसके बारे में ऐसा माना जाता है कि उसकी आत्मा आज भी कब्रिस्तान में मौजूद है |

जनरल निकोलस नामक एक अंग्रेज अफसर उस समय अंग्रेज सेनानायको में से एक था | उस अंग्रेज अफसर को एक भारतीय लडकी से प्यार हो गया था लेकिन उसको जिस लडकी से एकतरफा प्यार हुआ था वो शादीशुदा थी | जब उस अंग्रेज अफसर ने उस लडकी से प्यार का इजहार किया तो उसने उस अंग्रेज अफसर के प्यार को ठुकरा दिया क्योंकि वो पहले ही शादीशुदा थी और उसको उस अंग्रेज अफसर में कोई रूचि नही थी | वो अंग्रेज अफसर प्यार में पागल हो गया था और उसने सुध बुध खोकर अपने आप को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी |

उस अंग्रेज अफसर को इसी Lothian Cemetery कब्रिस्तान में दफन किया गया और ऐसा कहा जाता था की हर रात को घोड़े पर उसकी सर कटी आत्मा अपने सिर को  हाथ में लिए हुए इस कब्रिस्तान में घुमती थी तब से इस कब्रिस्तान में रात को कोई नही गुजरता था | 20 सदी में कोई लोगो ने इस कब्रिस्तान में घोड़े पर बैठी आत्मा का अनुभव किया है लेकिन 21वी सदी में इन सारी बातो को दरकिनार किया था जिसके कारण यहा पर अब गरीब लोग अपने घर बनाकर रहते है | वो अपने अनुभव में बताते है कि उन्होंने भी कई साल पहले ऐसी घटनाओ के बारे में सुना था लेकिन अब ऐसी घटनाये नही होती है और बेख़ौफ़ वो इस Lothian Cemetery कब्रिस्तान के इलाके में बनी झोपड़ियो में रहते है |

इस घटना के अलावा कुछ लोगो ने एक भटकते बच्चे की आत्मा को भी देखा है जो अपने खोये हुए माँ बाप की तलाश में रात में लोगो को रोककर उनसे उनके बारे में पूछता है | इस कब्रिस्तान के बारे में एक अन्य तथ्य ये भी है कि 18वी सदी से पहले ये कब्रिस्तान मुस्लिम लोगो का हुआ करता था लेकिन जब अंग्रेज यहाँ पर आये तो उन्हें ये कब्रिस्तान भा गया था | इसके लिए उन्होंने इस कब्रिस्तान में पहले से दफन कुछ लाशो को निकलवार पुरी तरफ साफ़ करवाया और एक इसाई कब्रिस्तान में तब्दील कर दिया था | जिन लाशो को इस कब्रिस्तान से निकाला गया था उनकी अतृप्त आत्माए आज भी इस कब्रिस्तान में घुमती रहती है | जिस अंग्रेज अफसर ने इसको ईसाई कब्रिस्तान में बदला था उसी के नाम पर इस कब्रिस्तान का नाम रखा गया था |

तो मित्रो इन सब घटनाओ के कारण ये Lothian Cemetery कब्रिस्तान ना केवल दिल्ली की प्रेतबाधित जगह बल्कि भारत के प्रेतबाधित स्थानों में गिना जाने लगा है | एतेहासिक घटनाओ में यहा पर लोगो को कई अजीबोगरीब अनुभव इस जगह पर मिला है लेकिन वर्तमान में इस जगह के आस पास रहने वाले लोग इन सब बातो को नही मानते है और इस जगह पर रह रहे है | फिर भी यहा के लोग अपने पूर्वजो की बताई हुयी कहानियों के आधार पर पहले ये सारी घटनाये बताते थे लेकिन अब वो इन बातो को नकारते है | क्या आपको लगता है लोथियन कब्रिस्तान में आज भी भुत मौजूद है तो इस Lothian Cemetery कब्रिस्तान पर किसी ने कुछ अनुभव किया तो अपने अनुभव जरुर शेयर करे |

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