मासूम बच्ची की रूह The Ghost Story of Child

The Ghost Story of Childमेरा नाम ज्योति वर्मा है और मै  शिमला की रहने वाली हूँ। मै एक नर्स हूँ। मेरे साथ कॉलेज में पढ़ने वाली मेरी दोस्त बानी की सच्ची कहानी में बताने जा रही हूँ। बानी एक दिलफेक लड़की थी। उसके कई बॉयफ्रेंड हुआ करते थे। एक बार वह गर्भवती हो गयी, और उसका बॉयफ्रेंड उसे छोड़ कर भाग गया। बानी के माँ बाप ने उसे खूब पीटा। और उसकी शादी एक आधेड़ उम्र के व्यापारी से करवादी। जिसने बानी को और उसके नजाइज़ बच्चे को अपना लिया।

बानी ने शादी तो कर ली पर वह सुधरी अभी नहीं थी। उसने अपनी नवजात पैदा हुई बच्ची का खयाल रखना ही छोड़ दिया। उसके पति, सांस ससुर और माता पिता ने उसे खूब समजाया पर वह सिर्फ अपनी दुनियाँ में मस्त थी। एक बार तो मेंने भी उसे समझाया पर उसने उल्टा नाराज हो कर मुझसे  ही दोस्ती तौड दी।

ठीक से समय पर खाना और माँ का प्यार ना मिलने के कारण बानी की बेटी चार साल की उम्र में बीमार रहने लगी। और बानी को सैर सपाटे करने की जगह उसका ख्याल रखना पड रहा था, जिस से वह बीमार बच्ची को रोने पर मारने पीटने लग जाती। बानी किसी भी तरह अपने आधेड़ पति से और बीमार बच्ची से आजाद हो कर अपनी वाहियात गुल्छरे उड़ाने वाली जिंदगी में लौटना चाहती थी।

एक हमे खबर मिली की बानी की बेटी बीमारी के कारण मर गयी। मुजे पक्का यकीन था की बानी ने ही कुछ किया होगा। वह अपनी जिद में आ कर कुछ भी कर सकती थी। बानी के पति ने भी शंका की वजह से बानी को निकाल दिया और उसका तलाक हो गया। अब बानी फिर से लड़के घुमाने लगी थी। मेरे सामने ही उसका माइका था। एक दिन वह मुझसे मिलने आई और कुछ पैसे मांगने लगी।

उस वक्त मेरे गुस्से का बांध टूट गया मैंने कहा की तू तो मुझसे दोस्ती का रिश्ता तो तौड चुकी है, और बच्चे को मारने वाली डायनों से मुझे कोई संपर्क नहीं रखना तू चली जा मेरे घर से, और कभी वापिस मत आना॥ वह गालिया बकती मेरे घर से चली गयी। पता नहीं उस वक्त कहाँ से मुझमे वह सब बोलने का जोश आया था पर में खुद को रोक ही नहीं पायी। बानी पर ऐसा गंभीर इल्ज़ाम लगाने पर मेरे माता पिता ने मुझे  खूब डांटा। और अंकल और आंटी भी मुज पर नाराज हुए क्यूँ की उसकी बेटी के लिए मेंने ऐसा बोला।

उसी रात मेरी डर की कहानी शुरू हुई… बानी की बच्ची मेरे रूम के टीवी पर बैठी बैठी मेरे सामने देख कर हंस रही थी। मेरी चीख निकल गयी। मेरे माँ बाप ने कहा की मेरा भ्रम होगा। पर अगली बार नहाते वक्त बानी की बेटी मेरे साथ बाथरूम में दिखी मुजे। वह बस मुजे देख हँसती जाती और मेरी और हाथ बढ़ाती…

मुजे बानी की मरी हुई बच्ची दिख रही है, यह बात मोहल्ले में आग की तरह फ़ेल गयी। रात तो रात दिन में भी उसक मासूम बच्ची की आत्मा मुजे दिखने लगी। वह मुजे पुकारती रहती और हस्ती रहती।

हमारे खानदानी पंडित (ज्योतिष) से पुछवाने पर पता चला की उस लड़की की मौत गला दबाने के कारण हुई है, और जब मेंने उसकी मा को गुस्से में उसका कातिल बताया तब उस बच्ची की रूह खुश हो गयी थी, और उसे लगा कि मै उसकी हकीकत सारी दुनियाँ के सामने ला दूँगी। इसी मकसद से वह बार बार मुझे  दिख रही है।

कोई सबूत और गवाह ना होने के कारण बानी पर गुनाह साबित तो होने से रहा, पर मेंने उस मासूम बच्ची की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए शांति पाठ करवाए, और गूंगे जानवरों को खाना खिलाया ताकि उस धार्मिक कार्य का फल उस मासूम तक पहोंचे पर उसे मुक्ति मिले।

औरत जात के नाम पर कलंक, मेरी दोस्त बानी कुछ ही समय पहले एक वाहन दुर्घटना में मारी गयी, जब वह शराब के नशे में अपने लफंगे दोस्तो के साथ पार्टी कर के घर लौट रही थी | मुजे अब भी कभी कभी उस मासूम बच्ची की आत्मा नज़र आती रहती है, बस वह दूर खड़ी खड़ी मुजे देख कर मुसकुराती रहती है।

Loading...

Leave a Reply