भारत का एक अनोखा मंदिर Tarkulha Devi Temple , जहा दी जाती थी अंग्रेजो की बलि

भारत देश विभिन्ताओ का देश है और यहाँ हर राज्य के हर जिले के हर गाँव मे एक अलग ही कहानी सुनने को मिलेगी | आज हमको जिस जगह के बारे में बताने जा रहे है वो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित है इस जिले में चौरी-चौरा से कुछ ही दूरी पर एक धार्मिक स्थल है जिसका नाम है तरकुल्हा देवी का मंदिर Tarkulha Devi Temple ,जो अपने विशेष प्रसाद के कारण देश भर में प्रसिद्ध है | क्या है इस का इतिहास और क्या है इस मंदिर से जुडी कहानी आइये मित्रो विस्तार से पढ़े
Tarkulha Devi Temple copy
इस मंदिर में १८५७ की क्रान्ति के दौरान यह इलाका घने जंगल से भरा था और यहा की रियासत के राजा ठाकुर बाबू बंधू सिंह थे| ठाकुर बंधू सिंह स्वतंत्रता सेनानी थे और उस जंगल से निकलने वाले अंग्रेजो को देखते ही उन्हें मार गिराते थे और उनकी धड़ को देवी माता के चरणों में सौप देते थे

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जब अंग्रेजो के गायब होने की खबर अंग्रेज सरकार को चली तो उन्होंने जंगल के कोने कोने को छानकर बंधू सिंह को गिरफ्तार क्र लिया | और जब उन्हें फांसी पर लटकाया गया तो ६ बार अंग्रेज उन्हें फांसी देने में असफल रहे और उसके बाद देवी माँ का नाम लेते ही उन्होंने प्राण त्यागने का निश्चय किया तो सातवी दफा वो शहीद हो गए| यहा पर उनकी स्मुर्ती में एक स्मारक भी बना रखा है
Matan Bati Prasad
इस मंदिर की विशेष बात यह है कि बंधू सिंह ने जो परम्परा चालु की थी वो आज भी है फर्क इतना है कि अंग्रेजो की जगह यहा बकरों की बलि दी जाने लगी | बकरे के मांस को यहा प्रसाद के रूप में देते है जिसे मिट्टी की हांडियो में बनाया जाता है | भारत के कई मंदिरों में ऐसी प्रथाओं को प्रशाशन द्वारा बंद करा दिया गया है लेकिन यहा प्र्शशान भी कुछ नहीं कर पायी और ये मंदिर अभी भी विवादों में है
Meat BAti Preparation
यहा पर साल में एक एक महीने तक चेत्र मास की रामनवमी के दिन से मेला चालु होता है और भारी मात्रा में प्रसाद लेने वालो की भीड़ लगी रहती है

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One Response

  1. gourav atrri February 15, 2014

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