छत पर बच्चे और औरत के भूत ने फैलाई दहशत

मित्रो मेरा नाम नीरज वोहरा है और मै हसनपुर का रहने वाला हु | वैसे मैंने बहुत सी भूत की कहानिया सूनी है लेकिन मैं ये सोचता था कि मुझे भूत क्यों नहीं दिखाई देता या वो राशी के हिसाब से होता है | आज मै आपको मेरे साथ घटी सत्य घटना बताना चाहता हु |Child Ghost at Nightमै हमेशा से ही बहुत शैतान बच्चा था और मै जो मेरे मन में आता वही करता था चाहे वो भले गलत ही क्यों ना हो | मै उस समय 11 वी कक्षा में पढता था और गर्मी का समय था | हमारे यहा गर्मियों में कमरे में बहुत गर्मी लगती थी इसलिए अधिकतर लोग बिस्तर लेकर छत पर ही सोया करते थे | मै भी एक रात 8 बजे ही बिस्तर लेकर छत पर चला गया और उस समय छत पर कोई नहीं था क्योंकि अधिकतर लोग 9 बजे के बाद ही सोने को आते थे | मैने कुछ देर फेसबुक चलायी और बाद में तारो को देखते देखते मुझे नींद आ गयी |

उस समय मै दुसरे माले की छत पर सोया था क्योंकि तीसरे माले पर कोई नहीं सोता था क्योंकि वहा के लोगो को रात को डरावनी आवाज़े आया करती थी | मैं भी दो बार तीसरे माले की छत पर सोया था लेकिन डर के मारे मुझे वहा नींद नहीं आती थी और बहुत बुरे सपने आते थे इसलिए मैंने दुसरे माले की छत पर सोना शुरू कर  दिया जिससे मुझे नींद आ जाती |

रात को मुझे ऐसा लगा कि कोई बच्चा हाफ टीशर्ट और निकर पहने मेरे चारो और घूम रहा था और मुझे उसके सिर्फ पैर नजर आ रहे थे और जब चेहरा की तरफ देखा तो उसका सर गायब था | अचानक मै उठ गया और मेरे सामने से सब गायब हो गया | मैंने शायद वो सपना देख रहा था लेकिन वो किसी हकीकत से कम नहीं था | मैं पसीने से तर तर हो गया |

जब मैंने चारो तरफ देखा तो देखकर सन्न रह गया कि उस रात छत पर कोई नहीं था | मैं समझ गया कि आज मै खतरे में हु और इसलिए अपने कमरे में चले जाना बेहतर समझा | जल्दी से बिस्तर समेटकर मै छत से नीचे उतरा और अपने कमरे में  चला गया और सो गया | हालंकि डर के मारे उस रात मुझे नींद नहीं आयी |

अगले दिन मैंने सुबह सारी बात मम्मी को बताई तो मम्मी ने बताया कि रात को हवा घुमती है और कमजोर को देखकर हमला बोलती है कुछ सिर्फ दिखाई देती है और कुछ हमला बोल देती है | अब मै समझ गया कि मेरी हिम्मत के आगे वो ताकत  मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पायी |उस रात के बाद वो बच्चा मुझे कभी दिखाई नहीं दिया |

उस घटना के कुछ दिनों बात एक रात मेरा दोस्त उस तीसरे माले पर फ़ोन पर बात कर रहा था कि अचानक उसे सामने कोई औरत मुह झुकाए दिखाई दी और उसे देखते ही वो घबरा गया और सीढ़ी से नीचे गिर गया | उसने मुझे ये सारी बात बताई तो मैं सोच में पड़ गया कि तीसरे माले पर औरत का भूत और दुसरे माले पर बच्चे का भूत  |

मैंने इस जगह के बारे में पता किया तो पता चला कि कई सालो पहले इस इलाके में जंगल हुआ करता था और उसके बाद इस जगह को श्मशान में तब्दील कर दिया था लेकिन शहरीकरण के कारण यहा मकान बन गये लेकिन कुछ लोगो की आत्माए आज भी इस इलाके में मोजूद है | हालंकि अब मुझे छत पर सोने का समय नहीं मिलता लेकिन आज भी वो घटनाये मेरी जहम में बरकरार है |

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