एक ऐसी प्रथा ,जिसमे नरबली के रूप में चढ़ाया जाता है , इन्सान का खून Ritual Similar to Human Sacrifice

मित्रो आपने दैनिक समाचारों में कई बार नरबलि की घटनाये सूनी है जिसमे तांत्रिक अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए बच्चो की बलि देते है लेकिन प्राचीन समय में देवी देवताओ को खुश करने के लिए इन्सान की बलि चढ़ाई जाती है | आजकल भारतीय सरकार ने ऐसी कुप्रथाओ पर पूर्णतया पाबंदी लगा दी है लेकिन केरल  में एक ऐसी जगह है जहा आज भी इस प्रथा को एक अनोखे ढंग से पूरा किया जाता है | क्या है ये नरबलि का दूसरा रूप Ritual Similar to Human Sacrifice, आइये जाने |

Ritual Similar to Human Sacrificeकेरल की राजधानी तिरुवंतपुरम से 100 किलोमीटर की दूरी पर कुराम्पला कुरमपला देवी का मंदिर है | इस मंदिर में काली माँ की पूजा करने के लिए अडवी नाम की प्रथा चलती है | इस परम्परा में पुरुष कंटीली  झाड़ियो से खुद को लपेटकर जमीन पर लोटकर काली माँ को अपना रक्त चढाते है | ये कंटीली झाडिया बहुत कष्टदायी होती है जिससे शरीर से खून बहने लगता है | इस परम्परा को यहा पर हर पांच साल में एक बार दोहराया जता है | कैसे शुरू हुई नरबलि की ये अनोखी प्रथा , आइये जाने |

ritual Simliar to human sacrifice (1)स्थानीय मान्यताओ के अनुसार अडवी देवी को एक वेलन नाम का पुजारी ही पूजा करता था | एक दिन जब वो पूजा करके काली माँ के मंदिर से गुजर रहे थे तो काली माँ ने अपनी शक्तिया अडवी माँ को दे दी | इसके बाद से नरबलि की अडवी नाम की प्रथा शुरू हो गयी | यह प्रथा पूर्णतया नरबलि नहीं है लेकिन उससे काफी मिलती जुलती है | इस मन्दिर में श्रुधालू भभूत का प्रसाद पाने के बाद झाड़ियो से शरीर को लपेटकर उत्तर दिशा में परिक्रमा करते है और घावो से बहते खून को एकत्रित कर खून को काली माँ को चढ़ाया जाता है |

ritual Simliar to human sacrifice (3)स्थानीय लोगो का मानना है कि इस प्रकिया से लोगो को कोई दर्द नहीं होता है और इस प्रकिया के बाद ये परिसर खाली हो जाता जहा  भूत प्रेतों का आगमन होता है | तो मित्रो इसे आस्था कहे या अंधविश्वास , फिर भी कई श्रुधालू इस मन्दिर में अपनी समस्याओ के निवारण के लिए आते है | नरबलि की इस अनोखी प्रथा पर आपकी क्या राय है ???

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