अविश्वास :- अनसुलझे रहस्यों की कहानी A Mysterious Ghost Story

इंडियन घोस्ट स्टोरीज के इस मंच पर आप सभी पाठको का फिर से स्वागत है दोस्तों,, मैं आभार व्यक्त करता हूँ इस मंच के प्रमुख अधिकारियो का जिन्होंने मेरी कहानियाँ आप तक पहुंचाने के लिए ये मंच उपलब्ध कराया | आज का किस्सा भी मित्रो कुछ अजीब ही Mysterious Ghost Story है| पर यहाँ पर कुछ देर रूककर हमें यह सोचना चाहिए क्या वास्तव में इन Real Horror Stories में सच्चाई है या नहीं,, दोस्तों वैसे कहानी का मुख्य भाग को ही अगर ले तो हमे ये समझने में आसानी हो जायेगी की क्या इस तरह की घटनाएं किसी के भी जीवन में घटित हो सकती है या फिर सिर्फ ये मनोरंजन के लिए है, दोस्तों वैसे तो कहानियो में पात्र बदले जाते है पर Ghost Stories का मुख्य भाग ही उसकी आत्मा माना जाता है यहाँ पर भी कुछ ऐसा ही है|

A Mysterious Ghost Story
दोस्तों आज का किस्सा एक Middle Class Family का है इस परिवार में 4 सदस्य थे  | जीवनलाल और आशा दोनों पति पत्नी अपने बेटे  ओम और  बेटी तन्नु के साथ रहते थे | दोस्तों ये परिवार एक भविष्यनिधि संगठन द्वारा सुविधा के रूप में दिए गए मकान मे रहते थे|  और 2 मंजिल पर इनका घर शिफ्ट था| ऐसा कहा जाता था, Colony के सभी Quarter जब नहीं बने थे तब यहाँ पर शमशान भूमि हुआ करती थी|  लेकिन  शहरो के विकास और सरकार की सुविधा के लिए इन भूमियो को भी नहीं छोड़ा जाता |  इस Colony में जो लोग रहते थे उनका ऐसा मानना था कि इस Building के निर्माण के दौरान 3 श्रमिक मजदूरों की मृत्यु हो गई थी, जिसमे 2 पुरुष मजदूर, 1 महिला मजदूर शामिल थी|

 

जो भी इस कॉलोनी में Transfer होकर यहाँ शिफ्ट हुआ उन लोगो ने अक्सर इस चीज़ जिक्र किया कि यहाँ हमने 2 आदमी और 1 औरत को दूसरी वीरान पड़ी इमारतो में घूमते हुए देखा है और उस Colony का चौकिदार ने भी इसकी हांमी भरी की उसने कॉलोनी के पार्क और रोड जो की कॉलोनी के एक निश्चित क्षेत्र के अन्दर आती है वहाँ पर भी घूमते हुए देखा है, कुछ लोगो ने उनको वीरान पड़ी इमारतो की छतो पर घूमते हुए देखा है |
दोस्तों अब इस किस्से पर आते है आशा जो अपने परिवार के साथ रहती थी वो जब से यहाँ अपने  पति के साथ Transfer होकर आई तब से उसको अजीब  चीजों के आभास होते थे वो जब इन का जिक्र करती तो परिवार के सब लोग उस पर हँसते की तुम्हारे मन के अन्दर यहाँ के किस्से सुन सुन कर वहम बैठ गया है दोस्तों,, किसी ने भी उसकी बात को नहीं माना ,दोस्तों बात भी सही है क्योंकि हमारे घर में हम अपने “इष्ट देवो” को पहले से स्थापित करते है, उसके बाद ही हम घर में अपना निवास स्थान बनाते है|

 

अब दोस्तों इस तरह से सात आठ महीने बीत गए, फिर “श्राद्ध” के दिन शुरू हो गए, उसी समय के दौरान एक दिन आशा अपने घर में काम से थक कर आराम के लिए बालकनी में तख्ते पर आराम कर रही थी, उसकी नींद कुछ इस तरीके की थी की न तो वो सोई हुई थी न ही वो जागी हुई थी कहने का मतलब वो अपनी चेतन अवस्था में ही थी उसने अपना हाथ अपनी आँखों पर रख रखा था, तभी बार-2 उसने ये महसूस किया की कोंई पीछे से उसको आगे झुक-झुककर देखने की कोशिश कर रहा है और वो बार-बार चमक उठती थी आँखे खोलने पर उसने आस-पास देखा तो सब सुनसान था सब अपने-2 घरो में थे आप तो जानते ही है की अक्सर दिन के समय घरो में कम ही लोग रहते है और ज्यादातर तो कॉलोनी के क्षेत्र में ही ऐसा होता है सब सन्नाटा ही पसरा रहता है, फिर थोड़ी देर इधर-उधर देखने के बाद उसने कॉलोनी के नीचे-ऊपर भी देखा, पर उसे कुछ नहीं दिखा|

 

अब उन्ही “श्राद्ध” के दिनों में एक रात जब वो सो रही थी तो अचानक उसको बर्तनों के बजने की आवाज आई जब उसने उठकर किचन में देखा तो सभी चीज़े व्यवस्थित थी जाते वक्त उसको खिड़की से बाहर सामने सुनसान पड़ी इमारत में किसी के कूदने की आवाज़े आई, उसने अपने पति “जीवनलाल” को जगाया तो उसने भी इस चीज को सुना तब उसने किसी “बिल्ली के कूदने का कारण” बता उसे शांत करके वापस चलने को कहा, लेकिन उसी समय वहाँ पर नाल में उसने ऊपर आती एक औरत दिखाई दी और उन दोनों पति- पत्नी के रोंगटे तो तब खड़े हो गए जब उन्होंने देखा कि वो औरत 4 सिडियो को एक साथ इतनी तेजी से चढ़ रही थी जो कि एक अच्छे से अच्छा इंसान भी नहीं चढ़ सकता, वो औरत बिलकुल देहाती लग रही थी,|

 

वो दोनों पति पत्नी इतने डर गए की उन्होंने उनकी बड़ी बहन(प्रेमलता) जिसने “आशा” की शादी में एक माँ की पूरी भूमिका निभाई थी उनको बुला लिया,, गाँव से कुछ दिन साथ रहने के लिए, यहाँ में आपको इनसे थोड़ा परिचय करवाता हूँ इनकी मौसी ,एक दिलेर किस्म का व्यक्तित्व रखती है, और किसी से भी लोहा लेने की ताकत रखती है, कुछ दिन शांति से निकल गए, कुछ नहीं हुआ फिर एक दिन शाम को दिया-बत्ती के समय आशा खिड़की से सटे अपने बेड पर बैठी थी और उसका लड़का कुछ सवाल पूछने अपनी माँ आशा के कमरे में प्रवेश किया ही था की वो ज़ोरदार तरीके से डर गया और गिर गया, सभी ने उसको उठाया वो इतना डर गया की कुछ बोल भी नहीं पा रहा था उसकी सांस अटक रही थी|

 

एक घंटे बाद काफी जतन करने के बाद जब वो नार्मल हुआ तो उसने घर वालो को बताया की उसने एक काली सी बूढी औरत को खिड़की से मम्मी को घूरते हुए देखा,उसका सिर सामान्य से थोड़ा बड़ा था, उसके बाल बिखरे हुए थे, सभी लोग एक-दुसरे की तरफ देखने लगे, लेकिन उनकी बड़ी बहिन ने सबको संभाल लिया और कहा उनके होते हुए वो किसी को भी नुकसान नहीं होने देगी, फिर कुछ दिन मामला शांत ही रहा, सबको लगा शायद “श्राद्ध” समय खराब होने की वजह से यहाँ का माहौल ऐसा बन गया था जिससे की सब थोड़े डरे हुए से थे लेकिन अब कुछ ऐसा महसूस नहीं हो रहा था, फिर उनकी मौसी ने अगले दिन जाने का विचार बनाया सभी लोगो ने कुछ दिन और साथ में रहने के लिए खूब मनाया तब उन्होंने खेत का अधुरा छोड़ कर आने से काफी काम बढ़ जाने के कारण नहीं रुकने का कारण बताया|

 

अब दोस्तों उसी शाम को साफ़ सफाई के लिए बिस्तरों को बालकोनी में रखा हुआ था तभी आशा का छोटा बेटे “ओम” को शरारत सूझी और वो टेबल पर पड़े बिस्तरों के ढेर के सबसे ऊपर जाकर बैठ गया ,संध्या बत्ती का समय हो रहा था, आशा और उसकी बड़ी बहिन दोनों आपस से बातें कर रही थी उसकीं बड़ी बहिन का मुंह उसके छोटे बेटे “ओम” की तरफ था, और आशा उलटी बैठी हुई थी अचानक उसकी बड़ी बहिन उठी और ओम का हाथ खीचकर उसे अपनी तरफ ले लिया आशा के पूछने पर की क्या हुआ तो उसने बताया की मैंने किसी की झलक महसूस करी अगर में जल्दी नही उठती तो वो उसको नीचे खेंच लेती | अब पूरे घरवालो ने यही निर्णय लिया की जल्दी से जल्दी यहाँ से वापस स्थानान्तरण की अर्जी लगा देनी चाहिए,, और कुछ समय बाद उन्होंने वहाँ से तबादला करा लिया|

 

तो दोस्तों इस प्रकार हम यह देख सकते है की हमारे आसपास के वातावरण में कई ऐसी चीज़े होती है जिन पर हम विश्वास नहीं करते, लेकिन जब हम उससे दो- चार होते है तब हमको इन चीजों पर विश्वास करना पड़ता ह यदि आपने कभी ऐसा महसूस किया हो तो हमे जरुर बताये | आपके कमेंट हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है |

This Mysterious Ghost Story is Written By Vinaay Thada From Rajasthan

6 Comments

  1. lakhan singh September 15, 2013
  2. Veer November 19, 2013
  3. umang March 4, 2015
  4. kanha November 14, 2016
  5. Ashim patra August 3, 2017

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