मोबाइल से नफरत करती भूतनी का आतंक | Mobile se Nafrat Karti Bhootni Ka Aatank

Mobile Bhootniमेरा नाम विशाल बादल है। और मै एक गरीब परिवार का लड़का हूँ। मेरे पिताजी काफी कंजूस मक्खी चूस किसम के इन्सान है। अपनी पढ़ाई का कहूँ तो, “तारे ज़मीन पर” फिल्म के ईशांत अवस्थी और मेरी हालत लगभग सेम है। बचपन से ही तीन चीज़ो का तगड़ा शौख है। बाइक, मोबाइल, और एक अच्छी गर्ल फ्रेंड । पर मेरी फूटी किस्मत से मेरे पास तीनों ही नहीं थी उस वक्त तक।

दस्वी की परीक्षा में तीन बार गुलाटी खाने के बाद पिताजी ने मुजे हाथों से पीटना छौड़ दिया था, चूँकि उसके बाद उन्हे जब भी गुस्सा आता तो वह छड़ी, जूते, बरतन जो हाथ लगे उसी से मेरा सत्कार कर देते। किस्मत से मेरे मामा को मुज गरीब पर रहेम आया, और उन्होने मुजे एक बढ़िया सा मोबाइल गिफ्ट कर दिया। काश उन्होने मुजे कभी मोबाइल  दिया ही ना होता… मेरे पास मोबाइल फोन ना होता तो उस भयंकर भूतनी का में शिकार हुआ ही ना होता…

मामा के दिये हुए मोबाइल को ले कर मै पूरे मोहल्ले में राजा बना घूम रहा था। जैसे की किसी अरबी शैख को नया तेल का कूवा मिल गया हो। मै पीपल के पैड के पास बैठ कर मेरे दोस्तों को नया मोबाइल दिखा ही रहा था की वहाँ एक अजनबी लड़की आई… उसने पूछा की नया फोन लिया? मेंने कहा हा… उसने कहा दिखाओ…. मैने फौरन मोबाइल उसके हाथ मै दिया…

उस डायन लड़की ने मेरा मोबाइल हाथ मै ले कर, पास की दीवार पर दे मारा… मै तो गुस्से से लाल हो गया… और मेरे सारे दोस्त भी उस अजनबी सरफिरी लड़की की यह हरकत देख चौंक गए। मैने फौरन अपने मोबाइल को समेटा और बैटरी, कवर वगेरा जोड़ा तो देखा की मेरा मोबाइल तो सलामत था।

मै उस लड़की से जगड्ने लगा… क्यूँ की एक तो पहली बार मोबाइल हाथ आया और इसने डाइरैक्ट उसे फोड़ दिया… मेरे साथ मेरे दोस्त भी उसे बुरा भला कहने लगे…

वह लड़की कुछ भी बोले बिना आगे चलने लगी… मै अपने दोस्तो के साथ उसके पीछे पीछे चल दिया। मेरा प्लान उसके घर जा कर उसके बाप से उसकी शिकायत करने का था।

हम चार लड़के उसके पीछे थे, यह उसे पता चल चुका था। आगे रास्ते में एक अंकल चाय पीते पीते मोबाइल पर बात कर रहे थे। इस लड़की ने उस अंकल को धक्का दे दिया और उसका भी मोबाइल छीन कर रोड पर पटक दिया। और आगे बढ़ गयी।

फिर ये आफत आगे एक गार्डन मै घुस गयी। वहाँ एक लड़की पैड के नीचे खड़ी खड़ी मोबाइल पर अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी। इस ने उस बेचारी लड़की को करारा तमाचा मार दिया, और उसका भी मोबाइल छीन कर गार्डन के फाउंटेन (फ़ौवारे) में फेंक दिया।

हम नें फौरन उसका रास्ता रोका… और मैने उसे कहा की बहुत चरबी चड़ी है? पुलिस को बुलाएँ क्या? वह घुरराते हुए बोली की….  “हां…  बुला लो… उसे कहो की तुम्हारी लाश गार्डन में पड़ी है, और एक भूतनी तुम्हारा मांस खा रही है”

इतना बोल कर वह उल्टी मूड गयी। मेरे दोस्त बोले की चल यार ये कोई मैंटल (पगली) लगती है। उसे वहीं छौड़ कर हम चारों वापिस घर जाने लगे। पर जब पीछे मूड कर देखा तो वह लड़की हमारे पीछे आ रही थी।

मेरे तीनों जिगर-जान दोस्त उस लड़की को पीछे आते देख कर… मेरा हाथ छुड़ा कर… ऐसे भागे जैसे की डूबते जहाज से चुंहे भागते है। अब तो मेरी भी फटने लगी थी। चूँकि मै भरी जवानी में किसी भूतनी का शिकार नहीं होना चाहता था।

भागना तो मै भी चाहता था, पर मेरी खोखली मर्दानगी ने और मेरे अहम ने मेरे पैर बांध लिए। कुछ ही मिनटों मै वह लड़की मेरे साथ चलने लगी। मुजे पता नहीं था इस बार वह मेरा मोबाइल फोड़ेगी की मुजे फोड़ेगी। गली के नुक्कड़ पर पहुँचते ही उसने मेरे बाल पकड़ लिए, और फिर से मेरा मोबाइल मांगा…

मैने मना किया… तो उसने मुजे मेरे बालों से पकड़ कर जमीन से तीन फीट ऊंचा उठा लिया। मेरे तो रौगटे खड़े  गए… और गला सुख  गया…।  उसने मूजे बालों से हवा में लटका रखा था, और वह खुद भी हवा में थी। उसने मेरा नया मोबाइल मुजसे छीन कर अपने दांतों से चबा डाला। मै पागलों की तरह चिल्लाने लगा… तो उसने मूजे ऊपर से नीचे की और जमीन पर पटक दिया और वह ऊपर आकाश की और चली गयी… मे वहीं बेहोश हो गया…

जब मे हौश मे आया तो मेरे आजूबाजू मेरे गद्दार… फटटू… दोस्त मौजूद थे। और हैरत की बात थी की मेरा मोबाइल मेरी जेब मे सही सलामत था। जब की उस भूतनी लड़की नें मेरे सामने मोबाइल चबाया था। मेरे जूठे दोस्त कहते हैं की वह कभी मूजे छौड़ कर भागे ही नहीं थे। और उन्होने कहा की गार्डन से लौटते वक्त मै ही पलट कर उस लड़की के पीछे फिर से गया था।

भगवान जाने की मेरे साथ हुए, उस दर्दनाक हाथसे की सच्चाई क्या थी। और हाँ… अब मै मोबाइल यूस नहीं करता हूँ। चूँकि मैं नहीं चाहता की वह भूतनी फिर से मूजे पकड़े और बाल पकड़ कर हवा मै लटका दे।

“इस बात का कोई पक्का प्रमाण तो नहीं है… पर मेरे एरिया के लोग कहते हैं… की कुछ सालों पहले एक जवान लड़की, चर्जीग लगा कर मोबाइल पर बात करते हुए मोबाइल की बैटरी के फट जाने से मरी थी। यह उसी बदनसीब लड़की का भूत है। जो लोगों को हर वक्त मोबाइल से दूर करना चाहता है”

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  1. Ashim patra September 6, 2017

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