एक ऐसा दर्दनाक हादसा जिसमे जिन्दा बचे रहने के लिए खानी पडी साथियो की लाशे , होसले और जज्बे की कहानी,इंडियन घोस्ट स्टोरीज की जुबानी Miracle of the Andes Story in Hindi

मित्रो अभी 10 दिनों से मलेशिया के लापता विमान को खोजने के कयास जारी है | पुरे विश्व में इतनी तकनीकी का विकास होने के बावजूद विमान को ढूंढने में असफल रहे | लेकिन आज हम आपको जिस हादसे के बारे में बताने जा रहे है वो शायद इससे भी भयानक था जो कि आज से 42 साल पहले एंडीज के बर्फीले पहाड़ो Miracle of Andes Story in Hindi में हुआ था | इस हादसे में बचे लोगो को जिन्दा रहने के लिए 72 दिनों तक अपने साथियो की लाशें तक खानी पडी  | आइये आपको 1972 के  एंडीज फ्लाइट डिजास्टर (1972 Andes flight disaster)  या मिरेकल ऑफ़ एंडीज (Miracle of the Andes) नाम से प्रसिद्ध इस दुर्घटना के बारे में विस्तार से बताते है

Miracle of the Andesयह दुर्घटना उस फ्लाइट में सवार  उरुग्वे  देश के ओल्ड क्रिश्चियन क्लब की रग्बी टीम के उन दो खिलाड़ियो के हौसले के लिए भी जानी जाती हैं जिन्होंने एक सच्चे खिलाड़ी की तरह अंत तक हार न मानने वाले जज्बे को दिखाते हुए न सिर्फ खुद मौत को मात दी बल्कि 14 लोगों की जिंदगी भी बचा ली थी।

disaterrयह दर्दनाक हादसा 13 अक्टूबर 1972 को हुआ था और इसका शिकार  उरुग्वे के ओल्ड क्रिश्चियन क्लब की रग्बी टीम हुई थी। टीम चिली के सैंटियागो में मैच खेलने जा रही थी। यूरुग्वे एयरफोर्स का प्लेन  टीम के सभी खिलाड़ियों के साथ उनके परिवार व मित्रों को लेकर एंडीज पर्वतमाला से गुजर रहा था। प्लेन में कुल 45 लोग सवार थे।

1972-andes-plane-crash-site-and-survivors1उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद मौसम खराब होने लगा था। एंडीज के सफ़ेद बर्फीले पहाड़ों में पायलट को कुछ भी  नज़र नहीं आ रहा था। मौसम खराब होने की वजह से पायलट को संभावित खतरा नजर आने लगा था।करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई पर पायलट अपनी स्थिथि का अनुमान गलत  कर गया और एक ही पल में एयरक्राफ्ट एंडीज पर्वत की एक चोटी से  बुरी तरह से टकरा गया। जो एयरक्राफ्ट कुछ देर पहले हवा से बातें कर रहा था वही दूसरे ही पल धू-ध कर जलता एंडीज पर्वत में गुम हो गया।

11इस भयावह हादसे में 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बाकी 27 लोग जैसे तैसे बच तो गए लेकिन एंडीज की हाड़ कपकपा देने वाली बर्फ के बीच जिंदगी उनके लिए मौत से बदतर साबित हो रही थी। न खाने को कुछ और दूर-दूर तक सिर्फ बर्फ ही बर्फ।

5जैसे ही हादसे की जानकारी मिली उरुग्वे की सरकार ने सक्रियता दिखाई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया लेकिन प्लेन का रंग सफेद होने के कारण बर्फ से ढके सफेद एंडीज पर्वत पर उस विमान को  ढूँढना घास के ढेर में सुई ढूंढे के बराबर था।  लगातार 10 दिनों तक असफलता हाथ लगने पर 11 वे दिन इस  रेस्क्यू ऑपरेशन को बंद कर दिया गया। क्योकि सबका मानना था कि एंडीज के इस विषम मौसम में बिना खाना पानी के किसी का भी इतने दिनों तक जिन्दा रहना मुमकिन नहीं हैं।

66उधर दूसरी तरफ बचे हुए 27 लोगो में से कुछ  घायल लोग और मर गए।  बाकी बचे लोगो ने अपने पास उपलब्ध भोजन को छोटे छोटे हिस्सों में बाट दिया ताकि वो  ज्यादा  दिन तक चल सके। पानी की कमी को दूर करने के लिए उन्होंने प्लेन में से एक ऐसे मेटल के टुकड़े को निकाला जो कि धूप  में बहुत जल्दी गर्म हो सके। फिर उस पर बर्फ रख कर उसे पिघला कर पानी इकठ्ठा करने लगे। इससे उनकी पानी कि समस्या तो बिलकुल हल हो गयी, पर कुछ ही दिनों में भोजन समाप्त हो गया। जब अंत में कोई रास्ता नहीं दिखा तो इन लोगों ने आँखे बंद करके अपने साथियों की लाश के टुकड़े कर ही खाना शुरू कर दिया।

uruguayan-rugby-union-team-plane-crash-in-andesएक झटके में आई मौत से बचे ये लोग अब असहनीय अंत की ओर बढ़ रहे थे।केवल 16 लोग ही अब जीवित बचे थे, हादसे के 60 दिन बीत चुके थे। मदद की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दी तो इस बदनसीबों में शामिल दो खिलाड़ियों नैन्डो पैरेडो और रॉबटरे केनेसा ने सोचा कि यहाँ पड़े पड़े मरने से  अच्छा है मदद कि तलाश में निकला जाए, हांलाकि ये बहुत ही मुश्किल काम था।  60 दिनों के अंदर दोनों का शारीर कमजोर हो चूका था, बर्फ़ पर ट्रैकिंग करने के लिए उनके पास पर्याप्त साधन नहीं थे। लेकिन दोनों खिलाड़ी थे और खिलाड़ियों के अंदर अंत तक हार नहीं मानने का जज्बा होता हैं। यही जज्बा उन दोनों खिलाड़ियो के काम आया और उन्होंने उन्ही विपरीत परिस्थतियो में मदद कि खोज के लिए ट्रैकिंग शरू कर दी।

7पैरेडो और केनेसा ने गजब का साहस दिखाते हुए 12 दिनों तक ट्रैकिंग की। अंत तक हार न मानने का एक खिलाड़ी वाला जज्बा दोनों के काम आया और आखिर दोनों एंडीज पर्वत को हराते हुए चिली के आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंच गए जहां दोनों ने रेस्क्यू टीम को अपने साथियों की लोकेशन बताई।इस तरह इन दोनों खिलाड़ियों ने तो जिंदगी की जंग जीत ही ली साथ ही अपने साथियों के लिए भी ये वरदान साबित हुए।

Roberto Canessaइस पूरे हादसे में हीरो बनकर सामने आए उस रोबटरे केनेसा (Robert Canessa) उस समय रग्बी खिलाड़ी के साथ मेडिकल स्टूडेंट भी थे। अब यह खिलाड़ी जिदंगी की जंग जीत मशहूर डॉक्टर बन चुका है।

85966553वहीं इस हादसे में अपनी मां और बहन को खोकर 16 लोगों की जान बचाने वाले पैरोडा (Nando Parrado) अब उरुग्वे की मशहूर टेलीविजन हस्ती हैं। हादसे के 72 दिनों बाद 16 लोगों का बचना भी किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा था। पैरोडो ने इस पूरे हादसे और अपने संघर्ष को एक किताब की शक्ल भी दी है।

alive movieइस भयावह घटना पर पियर्स पॉल रीड ने 1974 में एक किताब अलाइव (Alive) लिखी थी जिस पर 1993 में निर्देशक फ्रेंक मार्शल ने फिल्म भी बनाई थी।

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करीब दस साल पहले डॉ केनेसा ने इस घटना में बचे दो अन्य साथियों के साथ एंडीज पर  पहुंच कर मौत को मात देने के अपने कारनामे का जश्न मनाया था।

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हादसे में बचे लोग सालों बाद एक साथ हुए तो इस तरह जश्न मनाया

 

ऐसी विपरीत परिस्थितयो में अपने संयम से अपनी और कई लोगो की जान बचाने वाले इन खिलाडियों को सलाम

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