मुर्दे खानें वाली चुड़ैल प्रेत का शिकंजा Maneater Chudail Story in Hindi

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Chudail Story in hindiमेरा नाम बाबुल घोष है, और में कोलकाता से हूँ। मैंने लगभग हर तरह की नौकरी आजमाई  है। और अनगिनत नौकरियों से निकाला जा चुका हूँ। पढ़ाई में मै हमेशा अंडे ही उबालता था, इस लिए दस्वी कक्षा की अंतिम परीक्षा में आए स्पीडब्रेकर नें स्कूल से मेरा नाता हमेशा के लिए तौड दिया था। इस समय मै पच्चीस का हो चला हूँ। अब तो पिताजी भी गुस्से मै बोलते रहते हैं की… बेटा तू शायद जिंदगी भर मेरे टुकड़ों पर ही पलेगा। मुर्दाखोर चुड़ैल से जब मेरा सामना हुआ तो मै लगभग अपनी जान गवा ही चुका था।

पिछले महीने के एक दिन की बात है जब, हमेशा की तरह पिताजी मुजे काम ना मिलने के कारण जली-कटी सुना रहे थे, तब गुस्से में आ कर मेंने भी उन्हे बोल दिया की आज शाम तक अगर मै नौकरी नहीं ढूंढ पाया तो रात को घर वापिस नहीं आऊँगा। ऐसा बोल कर मै काम ढूँढने की खोज में लग गया। रात के बारह बजे तक भटका, पर कोई काम ना मिला। अंत में निराश हो कर एक वीरान कब्रिस्तान के पास पैड के नीचे बैंच पर सो गया। क्यूँ की घर तो काम ढूंढ कर ही जाना था।

अभी मेरी आँख लगी ही थी की कब्रिस्तान में से…  फावड़े और कुल्हाड़ी ज़मीन पर फटकने की आवाज़ आने लगी। में जाग गया तो देखा की काले कपड़े वाली कोई जवान गोरी औरत कबर खौद रही है। मेरे तो हौश उड़ गए। मै चुप कर देखने लगा। तो थोड़ी देर में उसने कब्र से मुर्दा बाहर निकाल लिया। और भूखे जंगली जानवरों की तरह उस मुर्दे को काँट नौच कर खाने लगी। वह एक दिल दहला देने वाला नज़ारा था।

उस वैहशी मंज़र को देख कर डर से मेरे हाथ पाँव फूल गए थे। और धड़कने बेहद तेज़ हो गयी थीं। करीब आधे घंटे तक उसने वह मुर्दा खाया। और फिर वह उसे फिरसे कब्र में गाड़ने लगी। तभी अचानक एक दुर्घटना हुई जिसके कारण उस वक्त मेरी जिंदगी जहन्नुम बन गयी थी… आप सौच भी नहीं सकते की किसी की किस्मत इतनी खराब कैसे हो सकती है…

वह मुर्दा खा कर जाने ही वाली थी की…. मेरे मोबाइल की रिंग बज उठी… और उस काले कपड़ों वाली जवान मुर्दाखोर भयानक औरत ने मेरी और पलटी मारी। वह इधर उधर जांकने लगी। में दीवार के पीछे जड़ियों में छुपा था। मुजे लगा वह मुजे नहीं देख पाएगी। पर वह मेरी सब से बड़ी भूल थी।

पलक जपकते ही वह भयानक औरत वहाँ से गायब हो गयी और मेरे पीछे आ कर खड़ी हो गयी। दिखने में वह किसी अप्सरा से कम नहीं थी। पर उसके मुह पर मुर्दे का गोश्त और खून लगा था। जिसे देख कर अच्छे अच्छों की बोलती बंद हो सकती है।

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उसे अपने सामने देख कर मै बर्फ की तरह जम गया… उसने एक हाथ से मेरा गिरहबान पकड़ा और दूसरे हाथ से मेरा हाथ पकड़ किया। फिर उसने मुजे ऐसे गले लगा लिया जैसे की वह मेरी गर्ल फ्रेंड हो। करीब पाँच मिनट तक उसने मुजे वहीं गले लगाए खड़े रखा। और फिर वह मुजे कब्रिस्तान के अंदर ले जाने लगी।

मै हौश में था। पर पता नहीं क्यूँ उसका विरोध नहीं कर पा रहा था। बस उसके साथ चले जा रहा था। एक कब्र के पास आ कर वह भयानक औरत रुक गयी। और उस कब्र को खोदने लगीं। कब्र में से आधा खाया हुआ मुर्दा उसने बाहर निकाला। और उसे उछाल कर जाड़ियों में फेंक दिया। फिर उसने मेरी और देखा…

मै पूरा माजरा समज गया। की यह अब मुजे उस कब्र के अंदर डालने वाली है। और इसके लिए मै इसका खाना हूँ। और ये कोई प्रेत या चुड़ैल है, जो इन्सानों का मांस खाती है, और खून पिती है। मानसिक रूप से अधमरा होने के बावजूद मै, वहाँ से पागलों की तरह भागा। वह भूतनी चुड़ैल औरत मेरे पीछे चिल्लाते हुए दौड़ने लगी।

रोते हुए चीखते हुए मै कब्रिस्तान से करीब दोसों मीटर दूर जा पाया। पर वह भयानक चुड़ैल, वहीं मेरे सामने आ कर खड़ी हो गयी। अब मुजे मेरी मौत सामने नज़र आ रही थी। मैने हार मान ली। और भगवान से अपने किए हुए पापों की माफी मांगने लगा। ताकि मौत के बाद मुजे कम तकलीफ हो। उसने इस बार गुस्से में मुजे बालों से पकड़ा और मेरी गर्दन में उसने दाँत गड़ा दिये। मेंने आखरी मरणतौल… चीख लगाई…

तभी अचानक किसी ने मेरे गाल पर सनसनाता चांटा मारा… और मै उछल कर ज़मीन पर गिर पड़ा। मैंने जमीन से लैटे लैटे सामने देखा तो… वहाँ मेरे पापा खड़े थे… और वह उस वक्त मुजे जो बोल रहे थे, वह शब्द इस प्रकार थे….

मेरे पापा:  काम चोर तुजे शर्म नहीं है… दिन भर आवारागर्दी करता घूमता रहता है… और रात को इधर रोड पर खड़ा पागलों की तरह चिल्लाता तमाशे करता रहता है… और बेशर्म, तू फोन क्यूँ नहीं उठा रहा… रात के डेढ़ बज गए है… तुजे पता है…  घर पर तेरी माँ तेरी चिंता करते हुए कितनी रो रही है…? निकम्मे अभी घर चल वरना घसीट कर ले जाऊंगा।

मुझको पक्का यकीन था की, वह चुड़ैल शायद मेरे पापा को देख कर, ही भागी होंगी। वरना मेरा तो शायद काम तमाम था। एक बात समज आ गयी है की माँ बाप कितना भी गुस्सा करें, उनकी बात दिल पर लेनी नहीं चाहिए, क्यूँ की वह हमेशा हमारे भले की ही सौचते हैं। और जिनसे चुड़ैल भी डरती है ऐसे बाप का बेटा होने पर मुजे गर्व है। मेरे पापा गुस्सा होने पर मुजे पीटते ज़रूर हैं पर मुजसे प्यार भी तो उतना ही करते हैं। “लव यू पापा”

 

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