प्रेतों से मुक्ति दिलाने वाला चमत्कारी पेड़ Magical Tree for Exorcism

मित्रो जैसा की आप जानते है कि भारत के हर गाँव में आपको भूत भगाने की अनोखी परम्पराए देखने को मिल जायेंगी | आज हम आपको इसी कड़ी में भारत के दिल में बसे मध्य प्रदेश के एक गाँव के बारे में बताएँगे जहा प्रेतों से मुक्ति पेड़ Magical Tree for Exorcism दिलवाता है

Magical Tree for Exorcism (1)हम बात कर रहे है मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के एक छोटे से गाँव आलोट की | स्थानीय लोगो का मानना है कि यहा बाबा की दरगाह के पास एक अनोखा पेड़ है जहा प्रेतों से इन्सान को मुक्ति मिलती है | जब आप इस गाँव में जायंगे तो इस पेड़ के करीब का नजारा देखकर आपकी आँखे चकरा सकती है |यहा प्रेतों से पीड़ित महिलाये लौटती हुई बाबा के दरगाह आती है और फिर उस दरगाह के आस पास के दीवारों और खम्भों से अपना सर पटकती है |
Magical Tree for Exorcism (2)
उसके बाद प्रेतबाधित महिलाये कीचड़ के गंदे पानी में नहाती है ऐसा लोगो का कहना है कि गंदगी से प्रेतों को परहेज होता है और जो शरीर स्वास्थ्य होता है उसमे ही आत्मा प्रवेश करती है इसलिए इन्हें गंदे पानी में नहलाकर उन्हें वो पानी पिलाया जाता है | फिर प्रेतबाधित महिलाये वहा स्तिथ एक चमत्कारी पेड़ पर चढ़कर अजीबोगरीब आवाजो में अपनी परेशानी सुनाती है | इस प्रक्रिया के बाद उस दरगाह का काजी उन प्रेतबाधित महिलाओ के बालो को पेड़ से सटाकर उसमे कील ठोकती है और फिर उसके बालोको काटकर उन्हें प्रेत बाधाओ से मुक्त किया जाता है |

Magical Tree for Exorcism (3)स्थानीय लोगो का मानना है कि सामान्य लोगो का पेड़ पर चढना बड़ा मुश्किल है लेकिन प्रेतों की शक्ति से वो महिलाये पेड़ पर चढ़ जाती है | यहा पर वर्षो से कई श्रुधालू बड़ी दूर दूर से प्रेत बाधा की मुक्ति के लिए आते है | कहा जाता है पेड़ पर चढ़ते ही महिलाओ को प्रेतों से मुक्ति मिल जाती है | लोग यहा अपनी मन्नते पुरी करने के लिए लाल धागा बांधते है और अपनी समस्याओ का निराकरण करते है

 

अब आप लोग सोच रहे है कि ये तो अंधविश्वास है कि पेड़ से आत्मा को मुक्ति कैसे मिल सकती है | तो मित्रो आप जानते है कि भारत की संस्कृति आस्था पर ही टिकी हुई है | अगर यहा के लोग ईश्वरीय शक्ति से ही सब काम करते है | अगर यहा लोगो का इलाज नहीं होता है तो क्यों इतने लोग यहा खीचे चले आते है | हम उसी दूकान पर जाना चाहते है जहा भीड़ ज्यादा होती है मतलब की वो अच्छी दुकान है इसी तरह हम उन्ही आस्था के केन्द्रों पर जाते है जहा हमारा काम सफल होता है | चाहे इसे अन्धविश्वास कहे या विश्वास |

3 Comments

  1. VIKAS January 4, 2015
    • Vishal August 1, 2015
  2. gopal mandal April 11, 2015

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