Jatinga गाँव , जहा पक्षियों की आत्महत्या के राज को समझ नही पाया विज्ञान

Jatinga Mass Bird Suicide Mystery

Jatinga Mass Bird Suicide Mysteryमित्रो आज तक हमने सिर्फ मनुष्यों के आत्महत्याओ के बारे में सुना होगा लेकिन क्या ऐसा सम्भव है कि कोई पशु या पक्षी भी आत्महत्या कर सकता है | आज भी विज्ञान पशु या पक्षियों की मनोस्थिति को नही पढ़ पाया है | हमने देखा है कि अधिकतर पशु या पक्षी प्राकृतिक रूप से अपना जीवन त्यागते है लेकिन भारत में एक ऐसा गाँव भी है जहा पक्षी खुद अपनी मौत को बुलावा देते है और उस जगह पर खीचे चले जाते है जहा उनको मौत के सिवाय कुछ नही मिलने वाला है | कौनसा है ये गाँव और क्या है इस गाँव का रहस्य , आइये आपको विस्तार से बताये |

भारत के असम जिले के दिमा-हसो जिले में एक गाँव है जिसका नाम जतिंगा Jatinga है | ये गाँव असम की राजधानी गुवाहटी से 330 किमी की दूरी पर गुवाहटी की दक्षिणी छोर पर स्थित हो | असम का ये गाँव जिसको आजादी से पहले कोई नही जानता था उसको आजादी के आबाद यहाँ के रहस्य ने पुरी दुनिया के सामने लाकर खड़ा कर दिया था | इस गाँव में खासी और दिमासा जनजाति के 2500 लोग रहते है जो खुद इस रहस्य से बेखबर है | Jatinga में होने वाले Mass Bird Suicide के बारे में जानने के लिए ना केवल भारत के बल्कि विदेश से अध्ययन करने आते है लेकिन आज तक इन आत्म हत्याओ का कोई वाजिब कारण नही पता चल पाया है | किस तरह ये पक्षी आत्महत्या करते है आइये आपको विस्तार से बताये |

हर साल इस गाँव में मानसून के खत्म होने के दौरान विशेष तौर पर अमावस की रातो में घने कोहरे के बीच शाम को 6 बजे से 9 बजे के बीच इस जगह पर लाखो पक्षी इकट्ठे होते है | ये पक्षी स्थानीय लोगो से विक्षुब्ध होकर रोशनी की ओर उड़ते हुए जाते है | इसके बाद ये घबराए हुए पक्षी बांस पर टकराकर अचानक एक के बाद के गिरते जाते है | ये घटना एकदम प्राकृतिक होती है और इसमें किसी स्थानीय आदिवासी का हाथ नही होता है | स्थानीय लोग ऐसा मानते है कि इन पक्षियों को आत्माए दिखती है जिससे डरकर वो आत्म हत्या कर लेते है जिससे यहाँ पर साल में एक बार पक्षियों की लाशो के ढेर लग जाते है |

1960 के दशक में कई वैज्ञानिको का ध्यान इस घटना की ओर गया जिसके कारण Jatinga गाँव अपनी इस कुख्यात प्राकृतिक घटना के लिए प्रसिद्ध हो गया | शुरुवात में वैज्ञानिको ने पक्षियों की मौत का कारण उचाई और तेज हवा बताया था लेकिन इसे वाजिब कारण नही माना गया | भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के सुधीर सेन गुप्ता में इसके बारे में गहनता से अध्ययन किया जिसमे उनको ऐसी घटनाये मलेशिया ,फिल्पिन्न और मिजोरम में भी कुछ जगहों पर देखने को मिली | इस अध्ययन में उन्होंने पक्षियों की 44 प्रजातियों को रोशनी से आकर्षित होते हुए देखत हा |

उन वैज्ञानिको ने ये भी अधयन्न किया कि ये घटना पुरे जतिंगा घाटे में नही बल्कि 1.5 किमी लम्बे और 200 मीटर चौड़े इलाके में ही होती है | ये पक्षी इस जगह पर उत्तर से आते है और दक्षिण की ओर जाने के प्रयास में अपनी जान खो देते है | एक रोचक तथ्य ओर इस घटना में सामने आया है कि ये पक्षी कोई लम्बी दूरी से नही आये होते है बल्कि आस पास की घाटियों और पहाडियों से आये होते है | पक्षियों का ये अप्राकृतिक व्यवहार Jatinga के मौसम को भी माना जाता है | 1988 के Jatinga घाटी में आकर कई पक्षी बस गये थे जिसका कारण उन सालो में आये बाढ़ हो सकती है |

Jatinga Bird Watching Towerयहा पर पिछले कई सालो में पर्यटकों की तादात बढ़ गयी है जो यहाँ के प्राकृतिक वातावरण के साथ साथ इस Bird Suicide के बारे में जानने को यहा आते है इसलिए यहा पर पक्षियों को सुरक्षित रखने के लिए एक Watch Tower से लोगो को इस घाटी के पक्षियों को दिखया जाता है | यहा पर आपको एक बोर्ड दिखेगा जिस पर अंग्रेजी भाषा में लिखा हुआ है “Welcome the Coming Birds- Let them Live and Add Attraction to Jatinga Valley” इसका मतलब है कि इस घाटी में आने वाले पक्षियों का स्वागत करो और उन्हें जीने दो ताकि वो Jatinga घाटी की खूबसुरती को बरकरार रखे |

कुछ भी हो लेकिन कोई भी एक तथ्य पर कोई भी वैज्ञानिक नही पहुच पाया है सभी वैज्ञानिको के अलग अलग तर्क होने के कारण ये जगह आज भी Jatinga Mass Bird Suicide एक रहस्य बनी हुयी है जिसके कारण इस भारत के Haunted Places में भी शामिल कर लिया गया है जो भले ही मनुष्यों के लिए Haunted ना हो लेकिन पक्षियों के लिए ये जगह Most Haunted Places in World है | तो अगर मित्रो आपको इस रहस्य के बारे में कुछ जानकारी हो तो अपने विचार हमे कमेंट में बताना ना भूले |

 

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