गरुड़ पुराण – बुरे कर्म करने वालो की नरक में सजा Garuda Puran Punishments List in Hindi

हिंदू शास्त्रों के अनुसार जन्म-मृत्यु एक ऐसा चक्र है जो अनवरत चलता रहता है। परिवार के किसी भी सदस्य की मृत्यु के बाद घर में गरुड़ पुराण सुनने की प्रथा है। Garuda Puran Punishments List in Hindi इसका सभी के यहां अनिवार्य रूप पालन किया जाता है भारतीय संस्कृति और सभ्यता के विकास में पुराणों का बहुत गहरा प्रभाव रहा है।Garuda Puran Punishments List in Hindi कहते हैं कि पुराणों की रचना स्वयं ब्रह्मा जी ने सृष्टि के प्रथम और प्राचीनतम ग्रन्थ के रूप में की थी। ऐसी मान्यता है कि पुराण उचित और अनुचित का ज्ञान करवाकर मनुष्य को धर्म और नीति के अनुसार जीवन व्यतीत करने की प्रेरणा देते हैं। ये मनुष्य के शुभ-अशुभ कर्मों का विश्लेषण कर उन्हें सत्कर्म करने को प्रेरित करते हैं और दुष्कर्म करने से रोकते हैं।

court-of-yamaraja1गरुड़ पुराण श्रवण का धार्मिक महत्व यही है कि मृत व्यक्ति की आत्मा को शांति मिले और उसे मोक्ष मिल सके।ऐसी मान्यता है कि गरुड़ पुराण के श्रवण से मरने वाले व्यक्ति की आत्मा को शांति मिलती है क्योंकि गरुड़ पुराण पगड़ी आदि रस्मों के दिन तक पढ़ी जाती है। शास्त्रों के अनुसार पगड़ी रस्म तक मरने वाले की आत्मा उसी के घर में निवास करती है और वह भी यह पुराण सुनती है।यद्यपि पुराणों की विषय-वस्तु में समय-समय पर कतिपय स्वार्थी व लालची व्यक्तियों (पुरोहितों) द्वारा कर्मकाण्डों व रूढ़ियों की मिलावट भी की गयी है, फिर भी इनमें लिखित अनेक प्रकरण वस्तुतः उच्च मानवीय मूल्यों के पोषक व नैतिक जीवन के लिए पथ-प्रदर्शन का कार्य करने वाले हैं। कुछ अंश तो इतने अद्भुत, रोचक व भावपूर्ण हैं कि इनको पढ़ने से मन में अपने आस-पास के मानव समाज का चित्र सहज ही खिंचता चला जाता है।

Garud Puran Punisments 2गरुड़ पुराण को दो भागो में लिखा गया जिसमे पहले भाग में विष्णु भगवान और गरुड़ देव के बीच संवाद को सर्शाया गया है और दुसरे भाग में मृत्यु की बाद होने वाले रहस्यों को दर्शाया गया है गरुड़ पुराण में जन्म-मृत्यु से जुड़े सभी सवालों के जवाब हैं। जिन्हें जानना सभी के लिए आवश्यक है। गरुड़ पुराण में 19 हज़ार  श्लोक है |सभी जानते हैं कि जो जैसा करता है उसे उसका वैसा ही फल मिलता है। यही बात गरुड़ पुराण में बताई गई है।

 

गरुड़ पुराण के अनुसार कौनसे पाप के लिए कौनसी सज़ा है आइये जाने

#1 Tamisra तमिसरा [Heavy flogging]

Tamisaraजो व्यक्ति दूसरों के धन ,स्त्री और पुत्र का अपहरण करता है, उस दुरात्मा को तामिस्र नामक नरक में यातना भोगनी पड़ती है। इसमें यमदूत उसे अनेक प्रकार का दण्ड देते हैं । उन्हें गरुड़ पुराण के अनुसार घोड़ो के द्वारा चलाये जाने वाले हथियार “गडा ” से कुचला जाता है

#2 अन्ध्तामिसरा AndhTamisara

andhtamisaraजो पुरूष किसी के साथ विश्वासघात कर उसकी स्त्री से समागम करता है, उसे अंधतामिस्र नरक में घोर यातना भोगनी पड़ती है।इस नरक में वह नेत्रहीन हो जाता है।शादी के बाद पति या पत्नी को धोखा देने वाले को अचेत हालत में नरक कुण्ड में डाल दिया जात है

 

#3 रोरवा Rourava

Rouravaदुसरो के परिवार को ख़त्म करने या दुखी करने वाले को यमदूतो के द्वारा जननांगो पर चोट मारी जाती है

#4 महारौरव Maharaurava

Maharaurava इस नरक में माँस खाने वाले रूरू जीव दूसरे जीवों के प्रति हिंसा करने वाले प्राणियों को पीड़ा देते हैं ।दुसरो की सम्पति हडपने वाले को जंगली जानवरों से प्रताड़ित किया जाता है

#5 कुम्भीपाक Kumbhipakam

Kumbhipakamपशु-पक्षी आदि जीवों को मार कर पकाने वाला मनुष्य कुम्भीपाक नरक में गिरता है। यहाँ यमदूत उसे गरम तेल में उबालते हैं। भोजन के लिए मासूम लोगो की जान लेने वाले को यमदूतो के द्वारा गर्म तेल की कढ़ाही में तला जाता है इस सजा को आपने अपरिचित फिल्म में भी देख चुके होंगे |

#6 असिपत्र Asipatram

Asppatramवेदों के बताए मार्ग से हट कर पाखण्ड का आश्रय लेने वाले मनुष्य को असिपत्र नामक नरक में कोड़ों से मारकर दुधारी तलवार से उसके शरीर को छेदा जाता है।

#7 शूकरमुख

अधर्मपूर्ण जीवनयापन करने वाले या किसी को शारीरिक कष्ट देने वाले मनुष्य को शूकरमुख नरक मे गिराकर ईख के समान कोल्हू में पीसा जाता है।

 

#8 अंधकूप

दूसरे के दुःख को जानते हुए भी कष्ट पहुचाने वाले व्यक्ति को अंधकूप नरक में गिरना पड़ता है। यहाँ सर्प आदि विषैले और भयंकर जीव उसका खून पीते हैं।

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#9 संदंश

धन चुराने या जबरदस्ती छीनने वाले प्राणी को संदंश नामक नरक में गिरना पड़ता है। जहाँ उसे अग्नि के समान संतप्त लोहे के पिण्डों से दागा जाता है।

#10 तप्तसूर्मि

जो व्यक्ति जबरन किसी स्त्री से समागम करता है, उसे तप्तसूर्मि नामक नरक में कोड़े से पीटकर लोहे की तप्त खंभों से आलिंगन करवाया जाता है।

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#11 शाल्मली

जो पापी व्यक्ति पशु आदि प्राणियों से व्यभिचार करता है, उसे शाल्मली नामक नरक में गिरकर लोहे के काँटों के बीच पिसकर अपने कर्मों का फ़ल भोगना पड़ता है।

 

#12 वैतरणी

धर्म का पालन न करने वाले प्राणी को वैतरणी नामक नरक में रक्त, हड्डी, नख, चर्बी, माँस आदि अपवित्र वस्तुओं से भरी नदी में फेंक दिया जाता है।

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#13 प्राणरोध

मूक प्राणियों का शिकार करने वाले लोगों को प्राणरोध नामक नरक में तीखे बाणों से छेदा जाता है।

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#14 विशसन

जो मनुष्य यज्ञ में पशु की बलि देतें हैं, उन्हें विशसन नामक नरक में कोड़ों से पीटा जाता है।

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#15 लालाभक्ष

कामावेग के वशीभूत होकर सगोत्र स्त्री के साथ समागम करने वाले पापी व्यक्ति को लालाभक्ष नरक में रहकर वीर्यपान करना पड़ता है।

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#16 सारमेयादन

धन लूटने वाले अथवा दूसरे की सम्पत्ति को नष्ट करने वाले को व्यक्ति को सारमेयादन नरक में गिरना पड़ता है। जहाँ सारमेय नामक विचित्र प्राणी उसे काट-काट कर खाते हैं।

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#17 अवीचि

दान एवं धन के लेन-देन में साक्षी बनकर झूठी गवाही देने वाले व्यक्ति को अवीचि नरक में, पर्वत से पथरीली भूमि पर गिराया जाता है; और पत्थरों से छेदा जाता है।

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#18 अयःपान:

मदिरापान करने वाले मनुष्य को अयःपान नामक नरक में गिराकर गर्म लोहे की सलाखों से उसके मुँह को छेदा जाता है।

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#19 पंरिमुखम :

मासूम लोगो को बिना कानूनी प्रक्रिया से सजा देने वाले को सूअर जैसे जानवर के दातो टेल छोड़ दिया जाता है

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#20 क्षारकर्दम:

अपने से श्रेष्ठ पुरूषों का सम्मान न करने वाला व्यक्ति क्षारकर्दम नामक नरक में असंख्य पीड़ाएँ भोगता है।

#21 शूलप्रोत:

पशु-पक्षियों को मारकर अथवा शूल चुभोकर मनोरंजन करने वाले मनुष्य को शूलप्रोत नामक नरक में शूल चुभाए जाते हैं। कौए और बटेर उसके शरीर को अपनें चोंचों से छेदते हैं।

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#22 कालासुथिरा 


भूख से पीड़ित अपने माता पिता और परिवार को प्रताड़ित करने को भी तेल में ही तला जाता है

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#23 अवटनिरोधन:

किसी को बंदी बनाकर, उसे अंधेरे स्थान पर रखने वाले व्यक्ति को अवटनिरोधन नामक नरक में रखकर विषैली अग्नि के धुएँ से कष्ट पहुँचाया जाता है।

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#24 पर्यावर्तन:

घर आए अतिथियों को पापी दृष्टि से देखने वाले व्यक्ति को पर्यावर्तन नामक नरक में रखा जाता है।जहाँ कौए, गिद्ध, चील, आदि क्रूर पक्षी अपनी तीखी चोंचों से उसके नेत्र निकाल लेते हैं।

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#25 असितपत्र्म

:–  जो अपने धार्मिक कर्म  को ढंग से नहीं निभाते उनको बुरी आत्माओ से डराया जाता है

Garud Puran Punisments 13

#26 सूचीमुख:

सदा धन संग्रह में लगे रहने वाले और दूसरों की उन्नति देखकर ईर्ष्या करने वाले मनुष्य को सूचीमुख नरक में यमदूत सूई से वस्त्र की भाँति सिल देते हैं।

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#27 कालसूत्र:

पिता और ब्राह्मण से वैर करने वाले मनुष्य को इस नरक में कोड़ों से मारा जाता है; और दुधारी तलवार से छेदा जाता है।

Garud Puran Punisments 19

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  • मान सिंह पंवार

    achchi jankari

  • Bharat Govil

    MARNE K BAAD USKE SATH KUCH BHI KARO KYA PHARAK PADTA H, WOH TO MAR CHUKA H, SHARIR USKA DHARTI PR RAH GAYA H, AUR BACHI USKI AATMA,,, AUR AATMA TO AMAR HOTI H…………

    • sai

      jis tarha body per agar ek pin bhi mardo to dadr deta he kyu ki ye janam ke liya body jo role play karta auke hisab se har choti vastu hamare body ko nuksan karte he , aur jab hum upar jate he tab auski priority alag hpti ha ,hamari atma agar upar jatiheto hame bhi agar pin ki mar bhi agar lagte he to bahut dard lagta ha , app ka kahana bhi correct he . hum jab upar jate to hame kuch nahi yad rehatahe ,usi tarha jab hum naya janam lekar ate he to jo upar me jo kast milta he vo bhi yad nahi rahatahe . perhaps hame acche karm karna chahiye eisi ke liya ye sab likte he ,aur narak me jane ke bad hi hame pata chalega kitna dard milega.

    • siddhrath gupta

      Mairn ka badh klek aur sharirbl miltha ha saihlgha bugatna ka liya bhagwat gita ma likha ha

    • Ajendra Chaurasia

      Yahi to baat hai, jo cheej mar ni sakti uske paas sirf aur sirf ek hi option hota hai aur wo hai ki wo tadapta rahe.

  • Neetu

    Mjhe To Dar Lag Gya

  • lucky singh

    are baap itna kasta milta hai marne k baad….

  • Asura

    Unhe Yatna deha diya jaata hai

  • Parveen Chand

    Is ke hisab se to her insan ko sja milegi
    Kyoki koi na koi galti insan kar bethta hai.
    Aur geeta mai to likha hai ki “karam kiye ja fal ki chinta mat kar”
    Jo ho rha hai sahi ho raha hai,
    Jo hoga wo bhi sahi hoga,
    Apna god apne saath hai
    So don’t take tension
    Enjoy your life.
    …………………kumbhipakam?

    • pavi

      aapko insan ka janam isliye mila hai taki aap bhagwan ko yaad kar sake or apne aane walo jaanam ko thik kar sake na ki isliye ki aap dusro ko pareshan ka sake. insan ke janam ke aalawa is duniya me or bhi jivit prani hai or wo janam kis ko kaise or kab milenge wo sab aap ka manushaye janam decide karta hai jo karam aap yha karoge ache ya bure uske ke according aapko aage janam milenge like insan, dog, cat, insects.

    • Shivaji Mengar

      suicide karne par kya hota hai

      • Sandhya Singh

        insaan mar jata hai….simple answer ;-p

  • sunil singh

    dara diya aapne to

  • Pawan

    Agar aisa hai toh bhagwan sab kuch bhoola kyu deta hai at list uske paap toh yaad rakhne do tabhi naa woh next time aisi galti nahi karega

    • Roshani saini

      mujhe to bahot darr lga ye sab padker ,,,,galtiy ato sabse kuch na kuch ho jati hai par uske liye asi saza ,,,,,,,,,dar lg rha hai ab toooo

      • Dams kumar

        God knows what happen , yaha koi bhagwan nahi hai ,

  • Lee

    kya yaar asa bhi kabhi hota h

  • RAJKUMAR SAHU

    JO JAISA KAREGA VAISA HIBHAREGA

  • Amit Kumar

    geeta mai kahai hai aatma ko kot sastra kaat nahi sakt agni jala nahi sakti pati geela nahi kar sakta dard to sarir ko hota hai aatma ka nahi to garud puran mai jo saja milta hai to aatma to darad hoga mai bahut kanfuse hu kis ki baat manu geeta ki jo krishan ne kahi ya garud puran ki jo garud ne likhi

  • rahul kharpe

    Muze ek baat bata do ki hame bhagwan ne dharti par bheja hai acche karm karne ke liye aur is duniya me bhagwan ke marji ke bina kuch bhi nahi hota to jo bure karm hum karte hai ya bhagwan hamse karvata hai aur aese me saja kisko de hume ya bhagwan ko. Aur bhagwan koun hota hai hume janm dene wala. Hume janm to hamaare ma baap ke milan se milta hai garud puran ek zuth hai har prani nisarg niymo ke karan janm leta hai aur jab tak uske sharir ka engine ok chalta hai tab tak jeeta hai. Marne ke baad kuch bhi nahi hota agar bhagwan ko lagta ki manushya sirf acche karm hi kare to vo har manushya ko uska pichla janm aur uski sajaye yaad dilata. GARUDPURAN IS FAKE.

    • J

      It is always easy to blame. life is journey, just like project there are milestones set for you (opportunity) it is upto you how you play. so always take God name before you do anything.

  • Sagar

    सब कुछ सत्य है। आत्मबोध न होने के कारण मनुष्य गलती करता है, जब उसे उसकी स्वयं की जानकरी हो जाती है, तभी वो समझ पाता है खुद को
    वो जान लेता है के वो शरीर नही सिर्फ इसमें रहता है। मनुष्य असीम है, जरूरत है तो सिर्फ स्वयं का साक्षात्कार करने की
    जब तक आत्मसाक्षात्कार नही होगी आध्यात्मिक समझ होना नामुमकिन है ।
    प्रणाम…………….

  • vishal

    Agrr ye sbb schh h to bhgvan Krishna ne khud hi bhgvat geeta me bola h ki aatma aajar h na isko koi mar skta h na koi jjlaa skta h ya to ye garud Purana juth h ya fr bhgvaat geeta ….

    • mohit kumar bhaina

      Mohit kumar

    • mohit kumar bhaina

      Aap ko sayad pata nahi ki garun puran me ae bhi likha hai ki jab kirishna bhagwan garun ke puchane paar bataya ki atma to amar hai par marne ke baad uska pinda daan karte hai pind daan karne uska suchma sarir banta hai jo rakchas jase hote hai eshi ko yam dut saja dete hai jise atma ko darda hot hai shamjhe dost

    • siddhrath gupta

      Puran ghlat nahi hota

  • johnson

    Kya koi batayega sunny Leone ko kya saja milegi

  • ravina

    Ak bat btao mat pita k sath krne pe milta hai thek hai bt brahman kai sath krne pr ji point likha hai kya juthlapan hai mens brahman murdr kr d bt ye bhgwan kai khas hai chuteyapa

  • jsbjm

    बालाजी महाराज की पूजा सुबह
    के समय कितने बजे और कैसे करनी चाहिए ?

    https://youtu.be/Ix-6YEQjJV8