मैलीविद्या के टोटके करती चाची का खौफ  

Totkeमेरे दादा विट्ठलदास लखानी शहर के जाने माने घी के व्यापारी थे। मेरे पिता राजेश लाखानी को हमारे खानदानी व्यापार धंधे में खास रुचि थी नहीं, इस लिए उन्होने वकालत की पढ़ाई कर ली। और बोण्ड राइटर बन गए। मेरे पिता और उनके दो भाई सब साथ ही रहते थे। मेरे दोनों चाचा मेरे पिता के साथ ही ऑफिस में काम करते हैं। एक दिन मेरी सब से छोटी चाची का असली रूप मैने देखा तब मेरी जिंदगी ही बदल गई।

मेरे छोटे चाचा की घर वाली यानी मेरी चाची स्वभाव से काफी जगड़ालू और ज़हरीली थीं। उसे घर का काम करने में और घर के बड़ों का मान रखने में कोई रुचि ना थी। मेरे दादा और दादी को वह बार बार अपमानीत किया करती थी। और उसकी गतिविधिया भी काफी संदिग्ध थी।

एक रात तीन बजे मेरी नींद खुल गयी। मैने खिड़की से बाहर देखा तो, पता चला की मेरी छोटी चाची अपने बाल खोल कर बरामदे में खड़ी आकाश की और देख कर कुछ बड़बड़ा रही है। मैंने फौरन नीचे जा कर और पड़ताल की, तो देखा की चाची नें अपने मुह पर खून लगा रक्खा है और उनके एक हाथ में मरी हुई बिल्ली की मुंडी थी। और दूसरे हाथ में बिल्ली का धड़ था।

चाची का यह वहशयाना रूप देख कर मै तो दहल गया। और मेरे हाथ पाँव सुन्न पड़ गए। डर के मारे मेरी छोटीसी चीख निकल गयी। और मेरी बुरी किस्मत की चाची ने वहाँ मुजे देख लिया। चाची फौरन उसी हाल में मेरे पीछे भागी। यह सब देख कर मेरे तो पसीने छूट गए… में काँपता हुआ अपने रूम की और भागा। और दरवाजा बंद कर लिया। उस रात को, पूरी रात में सोया नहीं। सुबह तक जागता रहा। और जब दरवाजा खोला तो मेरा दिल बैठ गया।

मेरी छोटी चाची दरवाजे के सामने खड़ी मुजे घूर रही थी। उसने मुजे कहा की अगर मैने रात वाली बात किसी को भी बताई तो वह मेरा हाल भी उस सर कटी बिल्ली जैसा करेगी। मेरी तो ज़बान हलक में उतर गयी। में ना तो हा बोल पाया, और नहीं तो ना बोल पाया। वह धम्की दे कर पलट कर वापिस चली गयी। अब आगे मेरी रातों की नींदें हराम हो चुकी थी। मुजे लगता था की कहीं यह डायन जैसी चाची कहीं मेरे खानदान में से किसी का भोग ना ले ले।

करीब एकाद हफ्ते के बाद फिर से देर रात मेरी नींद खुली। बरामदे में कुछ आवाज़े आ रही थी। मैने देखा तो उधर मेरी चाची खड़ी है और उसके साथ कोई अघौरी तांत्रिक खड़ा है और वह तांत्रिक सिर्फ कच्छा पहने खड़ा है। और उसके पूरे बदन पर राख मली हुई है। अब में रुक नहीं सकता था। मैने फौरन शौर मचाया और पूरे घर को वहाँ इकठा कर दिया। मेरे दादा, दादी, पिताजी, माँ, और मंजले चाचा छोटे चाचा और मंजली चाची फौरन उठ गए और नीचे बरामदे में आ गए।

छोटी चाची को और उस अध नंगे अघौरी को भागने का मौका नहीं मिला। हम सब ने उन दोनों को घेर लिया। और वहीं मेरे छोटे चाचा ने मेरी डायन जेसी चाची को खूब धोया… और उस अघौरी को भी मार भगाया। अगले ही दिन छोटे चाचा का तलाक हो गया।

हम सब कोर्ट में थे। वहाँ भी छोटी चाची मुजे ही घूर रही थी। और सब के सामने उसने मुजे कहा की…

“मेरी बरबादी का कारण तू बना है, में तेरी जिंदगी बिगाड़ दूँगी    

इतना बोलते ही मेरे पीता और मेरे दोनों चाचा मेरे आगे खड़े हो गए और उस डायन को मुजसे दूर धक्का दे दिया। उसकी धम्की सुन कर मै पूरी तरह खौफ में था। हम सब कोर्ट से घर आ गए। धीरे धीरे मै, चाची और उनकी दी हुई धम्की को भूलने लगा।

पर एक दिन मेरा डर सच्चाई में बदल गया। जब फिर से देर रात मेरी नींद खुली। जैसे ही मैंने कंबल हटाया तो देखा की मेरी एक्स चाची और वह अध नंगा अघौरी मेरे पलंग के पास खड़े हैं। में चिल्लाने ही वाला था की चाची ने मेरे मुह को दबोच दिया और उस अघौरी ने मेरे पैर पकड़ लिए।

फिर चाची नें एक कैंची से मेरे कुछ बाल कांटे और मेरी उंगली पर सुई घुसाई और थोड़ा सा बूंद भर मेरा खून लिया। और अलमारी से मेरे अंतर्वस्त्र निकाल कर अपनी थैली में भर लिए। और फिर वह दोनों मुजे पलंग से नीचे फेंक कर भाग निकले। मैने फिर से शौर मचाया पर सब इकाठा हुए तब तक वह दोनों दूर जा चुके थे।

मुजे पता नहीं वह डायन औरत / मेरी एक्स चाची और वह अघौरी मेरे बाल, खून, और कपड़ों के साथ क्या करने वाले हैं। पर में खौफ में जी रहा हूँ। हमने पुलिस में भी कम्पलेन की पर उन लोगों का कोई पता नहीं चला।

कई लोग कहते हैं की मेली विद्या करने वाले लोग अपने शिकार की चीजों के सहारे उसे वश में कर लेते हैं और उसे डरा सकते हैं, उसका खून भी चूस सकते हैं। और कभी भी उसे बीमार बना सकते हैं। या मार भी सकते हैं। ऊपर वाला जाने मेरा अंजाम क्या होगा। मै तो आज पूरी तरह से दहेशत में जी रहा हूँ”      

2 Comments

  1. Gurvinder August 14, 2016
  2. azhar August 31, 2017

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