Birthday Party में दो सिर वाली डरावनी रूह का आतंक

मेरा नाम विपुल राजपरा है | मैं फोटोग्राफी स्टूडियो में काम करता हूँ | मेरे पास खुद का कैमरा आ चूका था इस लिए, मैं प्राइवेट ऑर्डर्स भी ले लेता था | एक दिन मेरी लता भाभी नें कुतियाणा गाँव का एक काम दिलाया | किसी की बर्थडे पार्टी थी | आने-जाने का अलग से पैसा मिल रहा था | और फोटोग्राफी का भी अच्छा पेमेंट मिल रहा था | इस लिए मैंने काम के लिए तुरंत हामी भर दी | दिक्कत सिर्फ यही थी की, पार्टी देर रात तक चलनी थी | उसके बाद वहां पर रुकने का कोई अच्छा ठिकाना नहीं था | इस लिए रात में ही ट्रावेल कर के घर लौटना था | काश उस खौफ़नाक रात की याद मैं अपनी ज़िंदगी से मिटा सकता |

मुझे याद है, आर्डर की डेट पर, मैं कैमरा सेटअप ले कर वहां पहुँच गया था | रात को 8 बजे पार्टी शुरू हुई | अभी मैंने 4 से 5 फोटो खिंची ही थी तभी अचानक, एक सुनेहरे बाल वाली गोरी चिट्टी लड़की मेरे सामने आ गयी | उसने हॉल के बाहर आने का इशारा किया | शायद उसे कुछ काम होगा | मैंने उसे कैमरा दिखाया और कहा अभी नहीं आ सकता | फिर कुछ देर बाद, सारी फोटो खिंच लेने पर, मेरी नज़र उस लड़की को खोजने लगी | तभी अचानक वह मुझे घर के बाहर थोड़े दूर नज़र आई | मै फ़ौरन उसके पास गया | उसकी आँखों में गज़ब का गुस्सा था | उसका चेहरा फीकी रौशनी में भी लाल नज़र आ रहा था | मैंने कहा… सॉरी फोटो खींचने थे इस लिए नहीं आ पाया | आप यहाँ क्यूँ खड़ी हैं | अंदर नहीं आना है ?

कुछ देर तक वह मुझे ऐसे ही घूरती ही रही | उसके बाद वह झाडी की और इशारा करने लगी | मैंने हाथ के इशारे से मना किया | और घर की और उसे चले आने को कहा | अब उसके चेहरे पर गुस्से की जगह नाराज़गी का हावभाव था | उसने हाथ के इशारे से ही मुझे लौट जाने को कहा | मेरे देखते ही देखते वह झाडी के पार चली गयी | मुझसे रहा नहीं गया तो, मैं भी उसके पीछे पीछे जाने लगा | मैंने उस वक्त, अपनी बेवकूफ़ी का अंजाम तक नहीं सोचा |

कुछ देर चलने पर घूप अंधेरा सामने आ गया | मैं अचानक बेचेनी महसूस करने लगा | मुझे खूब पसीना आने लगा | अब मेरा दिल मुझे चेतावनी दे रहा था की, कुछ बुरा होने को है | मेरा फ़ोन जेब में पड़ा था लेकिन कपकपाहट के मारे, मैं उसे ओन तक नहीं कर पा रहा था | अचानक मेरी नज़र भूरे पत्थर पर गई | ऐसा लग रहा था की वहां पर दो लोग बैठ कर बाते कर रहे हैं | मैं गिरते पड़ते उनकी और जाने लगा | लेकिन जब मैं, वहां पास पहुंचा तो मेरी रूह काँप गयी |

वहां पर वही लड़की बैठी थी जिसने मुझे झाडी के भीतर आने को कहा था | अब उसका विकराल रूप मेरे सामने था | एक धड़ पर दो सिर वाला भयानक नज़ारा देख कर मेरी चीख नकल गयी | उस लड़की के धड़ पर जो एक और सिर लगा हुआ था, वो बुरी तरह कुचला हुआ था | उस भयानक आकृति से दिल देहला देने वाली आवाज़े आ रही थी |   मैं उसी वक्त वहां से अंधाधुंध भागा और किसी तरह एक कच्चे रास्ते पर आ गिरा | थोड़ी ही देर में दो बुलेट वाले लड़के आये और मुझे, बर्थडे पार्टी वाले मकान तक ले गए | उन्होंने मुझे धमकाते हुए पुछा की, मैं वहां झाड़ी के भीतर क्या कर रहा था |

अब लड़की वाली बात बता कर मैं अपनी मुश्किल और नहीं बढ़ाना चाहता था | तभी अचानक उन्होंने मुझे ज़ोर का चांटा मारा | और कहा की, फोटो वापिस देने के लिए भी यहाँ वापिस मत आना | उन्होंने मेरे पैसे दिये और फ़ौरन वहां से चले जाने को कहा |मैं उस जगह से तो चला गया लेकिन, इस घटना के बारे में पता करने पर रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई पता चली | उस घर के मालिक नें ही परिवार के साथ मिल कर अपनी जवान बेटी और उसके प्रेमी को मौत के घाट उतारा था |

कहा जाता है, उन दोनों को वहीँ कहीं झाडी के भीतर मार कर गाड़ दिया था | तब से उन दोनों की रूह एक धड़ और दो सिर के साथ भटकती है | वहां झाडीयों में आये दिन मरे हुए पक्षी और जानवर भी पाए जाते हैं | मैं उस खतरनाक जगह से जिंदा तो बच आया लेकिन कभी ना मिटने वाली भयानक याद मेरे ज़हन में बस गयी है |

5 Comments

  1. AFSHA October 31, 2019
  2. Indi Hunt November 6, 2019
  3. Hindisoch November 9, 2019
  4. yudhveer singh November 12, 2019
  5. sandeep rai December 1, 2019

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